नव वर्ष की नई रुप मे

0 0
Read Time4 Minute, 1 Second
नव वर्ष मे , नव रुप मे ,
नव नवल मे , नव कमल मे ,
नव रंग मे , नव तरंग मे ,
नव उदय मे , नव राग मे ,

नव गीत मे , नव प्रीत मे ,
नव उमंग मे , नव उज्जवल मे ,
नव नभ मे , नव सुर्य मे ,
नव रीति मे , नव नीति मे ,

नव जीत मे , नव प्रवाह मे ,
नव दिशा मे , नव दर्पण मे ,
नव ज्योति मे, नव पूजा मे ,
नव देश मे , नव काल मे ,

नव साल मे , नव चेतन मे ,
नव गीत मे , नव छंद मे ,
नव कविता मे , नव कहानी मे ,
नव जीवन मे , नव प्रसंग मे ,

नव स्नेह मे , नव प्रेम मे ,
नव शब्द मे , नव ज्ञान मे ,
नव संगीत मे , नव ताल मे ,
नव उम्मीद मे , नव सौगात मे ,

नव आश मे , नव साँस मे ,
नव अवसर मे , नव चाह मे , 
नव स्फूर्ति मे , नव थकावट मे ,
नव पथ मे , नव पहचान मे ,

नव धर्म मे , नव जात मे ,
नव सोच मे , नव संकल्प मे ,
नव नूतन वर्ष मे , नव उपहार मे,
नव सुबह मे , छांव में ,

नव वर्ष की , नव क्षण मे ,
नव रोशनी की , नव उल्लास मे ,
नव मन हर्षित हुआ , नव तन हर्सित हुआ ,
नव वर्ष मे नव जीवन मिला ,

नव नवनीत मे , नव नूतन हुआ ,
नववर्ष मे दिल , नव झिलमिल हुआ ,
नव आराधना से , नव गान मे ,
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना !

3. नव वर्ष की नई रुप मे

नव वर्ष मे , नव रुप मे ,
नव नवल मे , नव कमल मे ,
नव रंग मे , नव तरंग मे ,
नव उदय मे , नव राग मे ,

नव गीत मे , नव प्रीत मे ,
नव उमंग मे , नव उज्जवल मे ,
नव नभ मे , नव सुर्य मे ,
नव रीति मे , नव नीति मे ,

नव जीत मे , नव प्रवाह मे ,
नव दिशा मे , नव दर्पण मे ,
नव ज्योति मे, नव पूजा मे ,
नव देश मे , नव काल मे ,

नव साल मे , नव चेतन मे ,
नव गीत मे , नव छंद मे ,
नव कविता मे , नव कहानी मे ,
नव जीवन मे , नव प्रसंग मे ,

नव स्नेह मे , नव प्रेम मे ,
नव शब्द मे , नव ज्ञान मे ,
नव संगीत मे , नव ताल मे ,
नव उम्मीद मे , नव सौगात मे ,

नव आश मे , नव साँस मे ,
नव अवसर मे , नव चाह मे ,
नव स्फूर्ति मे , नव थकावट मे ,
नव पथ मे , नव पहचान मे ,

नव धर्म मे , नव जात मे ,
नव सोच मे , नव संकल्प मे ,
नव नूतन वर्ष मे , नव उपहार मे,
नव सुबह मे , छांव में ,

नव वर्ष की , नव क्षण मे ,
नव रोशनी की , नव उल्लास मे ,
नव मन हर्षित हुआ , नव तन हर्सित हुआ ,
नव वर्ष मे नव जीवन मिला ,

नव नवनीत मे , नव नूतन हुआ ,
नववर्ष मे दिल , नव झिलमिल हुआ ,
नव आराधना से , नव गान मे ,
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना !

~ रुपेश कुमार,
जन्म – 10/05/1991
शिक्षा – स्नाकोतर भौतिकी , इसाई धर्म(डीपलोमा) , ए.डी.सी.ए (कम्युटर)
बी.एड ( महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी बरेली यूपी)
वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी !
विभिन्न राष्ट्रिय पत्र पत्रिकाओ मे कविता,कहानी,गजल प्रकाशित !
राष्ट्रीय महासचिव – आंचलिक साहित्य संस्थान
प्रकाशित पुस्तक – मेरी कलम रो रही है , मेरी अभिलाषा एवं मेरा भी आसमान नीला होगा!
कुछ सहित्यिक संस्थान से सम्मान प्राप्त !
चैनपुर,सीवान बिहार

matruadmin

Next Post

2021 दे आपको…

Thu Dec 31 , 2020
करे न कोई गम अब जाते हुए 2020 का। जो बीता सो बीता अब गुजर गया साल। सिखा गया जाते जाते लोगों के दिलमें प्रेमभाव। नहीं आया विपत्ति में धनदौलत अब की बार। भूला कर अपने सारे गम करे नई सोच के साथ शुरूबात।। नया साल दे आपको, मन माफिक […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।