प्यारी हिन्दी

Read Time2Seconds
garima sinh
हिन्दी दिवस विशेष……..
सबसे सरल सहज है हिन्दी
सबसे पावन निर्मल हिन्दी
शब्द अलौकिक अर्थ अनेक
विषय विश्व का है बस एक
जिसपर गर्व हमें है रहता
हिन्दी हैं हम, मन है कहता
हिन्दी मन की अभिलाषा है
हिन्दी जीवन की आशा है
अद्भुत, अद्वितीय ,अनुपम हिन्दी
भाषा का श्रृंगार है हिन्दी
बोल चाल में सरल है हिन्दी
भाषा का आधार है हिन्दी
हिन्दी गुण साहित्य समाहित
हिन्दी से है जन, जन का हित
हिन्दी सुमधुर हिन्दी कोमल
हिन्दी  से जीवन है उज्वल
हिन्दी शीतल पवन समान
हिन्दी है  सबका अभिमान
हिन्दी देश का मान बढ़ाती
भाषा का सम्मान बढ़ाती
हिन्दी चिड़ियों के कलरव में
हिन्दी सागर के  लहरों में
हिन्दी हिंद की रग ,रग में है
हिन्दी है सम्पूर्ण विश्व में
 भारत की पहली पहचान
हमें नाज है हम हिन्दी हैं
हिन्दी से बढ़ता है ज्ञान
हिन्द देश की प्यारी हिन्दी
मन करता है तुझे प्रणाम
#गरिमा सिंह
परिचय- 
नाम-  गरिमा अनिरुद्ध सिंह
साहित्यिक उपनाम-मधुरिमा
राज्य-गुजरात
शहर-सूरत
शिक्षा- एम ए प्राचीन इतिहास
कार्यक्षेत्र-शिक्षण
विधा – हास्य ,वीर रस ,शृंगार
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

चेहरा तेरा

Tue Sep 11 , 2018
बहुत छोटा सा मसला है मगर क्यों हल नहीं होता निगाहों से मेरी चेहरा तेरा ओझल नहीं होता ============================== दीवाने तो मिलेंगे बहुत तुमको पर समझ लेना हरेक लकड़ी का टुकड़ा जानेमन संदल नहीं होता ============================== भरी होकर भी बिल्कुल ही मुझे वीरान लगती है जिस महफिल में तू मेरे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।