कुछ सितारे लिख देना…

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nadiya

मैंने कब कहा तुझसे, तू सहारे लिख देना,
गर ये तेरी मर्ज़ी है दर्द सारे लिख देना।

तू हमारा मालिक है,तू हमारा खालिक है,
हां अगर तू राज़ी है तो खसारे लिख देना।

चाहे जितनी मुश्किल हो रास्ते में तुम लेकिन,
कुछ निशान मंज़िल के, कुछ इशारे लिख देना।

ज़िन्दगी की हर मुश्किल हंस के पार कर लूँगी,
नाम पे मेंरे लेकिन कुछ सहारे लिख देना।

जब मेरी मोहब्बत की दास्तान लिखना हो,
रात,दर्द,आंसू और कुछ सितारे लिख देना।

 #नादिया मसंद

परिचय : इंदौर के विजय नगर की निवासी नादिया मसंद साइकोलोजिस्ट और काउंसलर के अलावा नामवर लेखिका हैं,क्योंकि कई प्रकाशन उर्दू शायरी में ‘औरत का तसव्वुर(उर्दू)’, ‘खामोश सजदे (हिन्दी काव्य संग्रह)’ और ‘मेरांझिड़ी शाम (सिंधी काव्य संग्रह)’गिरहूँ (अनुवाद सिंधी में) आ चुके हैं। नादिया मसंद जी सिंधी,
हिन्दी,उर्दू और इंग्लिश में लेखन करती हैं। आपने मनोविज्ञान व उर्दू में एमएके साथ ही बी.एड. भी किया हुआ है। आपकी लेखनी की वजह से आपको बतौर क़द्र शानासी(सम्मान) मोहमद अली ताज पुरस्कार(उर्दू साहित्य अकादमी),साहित्य कलश की और से हरूमल रीझवानी राज्य स्तरीय पुरस्कार,बीबीसी लंदन की तरफ से ग़ज़ल प्रतियोगिता में पुरस्कार सहित विभिन्न साहित्यक और सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी कई पुरस्कार मिले हैं।

 

matruadmin

3 thoughts on “कुछ सितारे लिख देना…

  1. चाहे जितनी मुश्किल हो रास्ते में तुम लेकिन,
    कुछ निशान मंज़िल के, कुछ इशारे लिख देना।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।