देश भर में स्वामी विवेकानंद की जयंती कहीं ‘युवा दिवस’ तो कहीं ‘युवा सप्ताह’ के रूप में मनायी जा रही है। उनके विभिन्न संदेश फिर से याद किये जा रहे हैं। विभिन्न कार्यक्रमों के बीच कई जगहों पर स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा भी था कि […]

उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, समय है जाने वाले साल को अंतिम सलामी देने का और आने वाले नए साल का स्वागत करने का, जैसे-जैसे दिन-तारीख बदल रहे हैं, दुनिया के कोने-कोने में नव वर्ष के स्वागत की तैयारियां जोरों पर है। स्वागत का यह जश्न बंधा है समय के […]

भाषा संस्कृति की संवाहक, वेष देश का है परिचायक।। ” क्या भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं है ? ” अंग्रेज़ी में उसने पूछा । मैंने कहा – ” हाँ , हिन्दी है “। उसने उत्तर दिया -” मैंने तो आज तक किसी भारतीय को हिन्दी बोलते नहीं सुना ।” मैंने […]

हम हिंदी भाषी, हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाना चाहते हैं। हमारी इस भावना का अ-हिन्दीभाषी व्यक्ति या राज्य विरोध करें तो हमें पीड़ा होती है। हमें लगता है कि हिन्दी बहुसंख्यक लोगों की भाषा है इसलिए पूरे देश को उसे राष्ट्रभाषा के रूप में निर्विरोध स्वीकार कर लेना चाहिए। ऐसी […]

इधर अपने देश में गोरक्षा को लेकर लोग मारे जा रहे हैं, उधर इजराइल में रहस्यमयी लाल बछिया के जन्म के बाद दुनिया के अंत की आशंका से दहशत है। बताया जाता है कि यहूदियों के देश इस्राइल में इस लाल बछिया ( रेड हेफर) का अवतरण 2 हजार साल […]

किसी भी राष्ट्र को संपन्न और शक्तिशाली बनाने के लिए सबसे जरुरी दो चीजें होती हैं। शिक्षा और चिकित्सा। हमारे नेताओं ने पिछले 70 साल में इन दोनों मामलों में जितनी लापरवाही दिखाई है, वह माफ करने लायक नहीं है। भाजपा की सरकार के पिछले चार साल भी पिछली सभी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।