शरीर को अगर रोग मुक्त तुम्हे रखना है। योग को जीवन में सदा तुम्हे रखना है।। पहला सुख निरोगी हो काया, दूसरा सुख घर में हो माया। तीसरा सुख संत्वंती हो नारी, चौथा सुख पुत्र हो आज्ञाकारी। अगर इन सुखों को तुम्हे पाना है, योग को जीवन में तुम्हे अपनाना […]
काव्यभाषा
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