इन्दौर। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक के रूप में पूरे प्रदेश की साहित्य मेधा का उत्कृष्ट पल्लवन और कार्यों के पहचाने जाने वाले डॉ. विकास दवे केंद्र सरकार की साहित्य अकादमी के भी जनरल काउंसिल के सदस्य मनोनीत हो गए हैं। डॉ दवे की कार्यशैली से अधिकारी, साहित्यकार व आम […]

परिचर्चा संयोजक- डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में चिह्नित इन्दौर का सांस्कृतिक और साहित्यिक सौष्ठव भी अभूतपूर्व है। इस शहर ने हिन्दी कहानी में डॉ. शरद पगारे, डॉ. कृष्णा अग्निहोत्री, कविता में राजकुमार कुम्भज, चंद्रसेन विराट, सत्यनारायण सत्तन सहित अन्य विधाओं में भी देश […]

इंदौर । वरिष्ठ शिक्षक और लेखक डाॅ. एस.एन. तिवारी की स्मृति में रचनाकारों का सम्मान समारोह रविवार शाम मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर के शिवाजी सभागार में हुआ। साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिये समारोह में सम्मानित किये गये वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. शरद पगारे व मिथिलेश दीक्षित […]

बॉबी देओल अपने साउथ डेब्यू ‘हरि हारा वीरा मल्लू’ में निभाएँगे सम्राट औरंगज़ेब का किरदार ◆ जयसिंह रघुवंशी हरि हारा वीरा मल्लू भारतीय सिनेमा में सबसे बहुप्रतीक्षित, प्रतिष्ठित परियोजनाओं में से एक है। फ़िल्म में पवन कल्याण और निधि अग्रवाल मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस फ़िल्म को जाने-माने फ़िल्म मेकर […]

पढ़ने पर ज्यादा ध्यान दें रचनाकार- डॉ पगारे मनोज कुमार, नीलम तोलानी, गौरव साक्षी सहित 8 रचनाकार हुए सम्मानित इंदौर । वरिष्ठ शिक्षक और लेखक डाॅ. एस.एन. तिवारी की स्मृति में रचनाकारों का सम्मान समारोह रविवार शाम मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर के शिवाजी सभागार में हुआ। साहित्य के […]

श्री सम्मेदशिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित करने के विरोध में बुन्देली भाषा में कविता। भाव सहित एक बार नमैं तो, फल में मुक्ति-रमा लो। सम्मेद शिखर है जान जैन की, मिलकैं ई खों बचा लो।। एन जोर से चीख-चीख कें कै रव पर्वतराज। खूब गुलामी के दिन देखे पर, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।