लघुकथा कम शब्दों में महत्वपूर्ण बात कहने की विधा- डॉ मंगल इंदौर। लघुकथा कम शब्दों में महत्वपूर्ण बात कहने की विधा है। लघुकथाकार गागर में सागर भरने में सक्षम होता है। यह बात वरिष्ठ शिक्षाविद और ऑल इंडिया कॉमर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. रमेश मंगल ने कही। डाॅ. मंगल […]

हिन्दी लेख माला के अंतर्गत डॉ. वेदप्रताप वैदिक हिन्दी को लेकर तमिलनाडू में फिर बवाल मच सकता है। केरल तथा कुछ अन्य प्रांतों में उनके राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों में पहले से भिड़ंत हो रही है। उस भिड़ंत का मुद्दा है— विश्वविद्यालयों के उप-कुलपतियों की नियुक्ति लेकिन तमिलनाडू में मुद्दा यह […]

इंदौर। हिन्दी भाषा के लिए साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश शासन द्वारा अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार के लिए चयनित मातृभाषा डॉट कॉम द्वारा महावीर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कविता प्रतियोगिता में महू, मध्य प्रदेश के श्री धीरेन्द्र कुमार जोशी विजेता रहे। मातृभाषा डॉट कॉम के सम्पादक डॉ. अर्पण जैन […]

हिन्दी लेख माला के अंतर्गतडॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत में शिक्षा और चिकित्सा की जितनी दुर्दशा है, उतनी तो कुछ पड़ोसी देशों में भी नहीं है। ये दो क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें यदि भारत सरकार जमकर पैसा लगाए और ध्यान दे तो भारत दुनिया के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अगले […]

हिन्दी लेख माला में डॉ वेदप्रताप वैदिक जी के लेख ◆ डॉ. वेदप्रताप वैदिक भाजपा सरकार ने मानव-संसाधन मंत्रालय नाम बदलकर उसे फिर से शिक्षा मंत्रालय बना दिया, यह तो अच्छा ही किया लेकिन नाम बदलना काफ़ी नहीं है। असली सवाल यह है कि उसका काम बदला कि नहीं? शिक्षा […]

संस्कार देती है साहित्यिक पत्रकारिता : गिरीश पंकज इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित हुआ सम्मान समारोह इंदौर। देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका ‘वीणा’ (इंदौर) के संपादक राकेश शर्मा को मीडिया विमर्श परिवार द्वारा रविवार को इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित सम्मान समारोह में 15वें पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।