पहली बार कन्नड़ भाषा की किताब को मिला सम्मान नई दिल्ली। भारत की कन्नड़ भाषा की लेखिका बानू मुश्ताक़ को साल 2025 का बुकर सम्मान मिला है। यह पहली बार है जब कन्नड़ भाषा की किताब को यह सम्मान मिला है। बानू मुश्ताक़ ने यह इतिहास अपनी कहानियों की किताब […]

एक आम भारतीय के दृष्टिकोण से यह कहना बहुत उम्दा है कि भारत की सरकार ने समझौता किया और अमेरिका के दबाव में कदम पीछे लिए किन्तु जब इसे अंतरराष्ट्रीय परिपेक्ष्य, युद्धनीति और वैश्विक विवशताओं के साथ जोड़कर देखेंगे तो निःसंदेह इसका दूसरा पक्ष भी है, जो जल्द ही सामने […]

अख़बार की जगह का महत्त्व समझें रचनाकार – डॉ. अर्पण जैन इंदौर। श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति में शुक्रवार को सृजन विविधा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम सत्र में समाचार लेखन पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने संबोधित […]

इंदौर। पहलगाम हमले के विरुद्ध भारतीय सेना ने पीओके स्थित आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ चलाकर एयर स्ट्राइक कर आतंकियों को ढेर किया। सेना की इस सफलता की ख़ुशी में मातृभाषा उन्नयन संस्थान व ख़बर हलचल न्यूज़ ने स्थानीय रेलवे स्टेशन पर चॉकलेट का वितरण किया। संस्थान के […]

इन्दौर ने सुनी थी गुरु नानक जी की वाणी इन्दौर। श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति में कालजयी साहित्यकार स्मरण शृंखला की 109वीं कड़ी में गुरुनानक जी को याद किया गया और उनके कृतित्व तथा व्यक्तित्व पर चर्चाएँ की तथा चित्र का अनावरण भी किया। मंगलवार को सम्पन्न हुए कार्यक्रम में […]

रंगमंच मेरी माँ है-श्री मिश्रा इन्दौर। फ़िल्म की शूटिंग के लिए महेश्वर एवं मांडव से लौटते समय इन्दौर प्रेस क्लब में चर्चा के लिए सुप्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता व रंगकर्मी अखिलेन्द्र मिश्रा आए। इस मौके पर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी एवं कोषाध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने व मातृभाषा उन्नयन संस्थान […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।