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बुधवार आधी रात को, भारतीय सेना ने  जबाव दिया आतंकवाद को। पीओके  की जद में सैनिक थे हरकत में। १५० सैनिकों का समूह, आतंकी ठिकाने  ७ किए नेस्तेनाबूत। उरी हमले में  १९ जवानों को हमने गंवाया था, इस हादसे ने पूरे देश को खून के आँसू रुलाए थे। मोदी ने […]

पैगाम… प्रीतम के पते पर भेजा, तो बादल डाकिया बन आ गया वृष्टिपत्र लेकर। प्रीतम ने जो लिखा प्रेम का अक्षर-अक्षर। बारिश की बूंदों में झरा वो झर झर झर ……। बूँदों का स्पर्श पाकर, काया में सिहरन हुई। आज फिर विरह में तड़पकर, प्रेमाग्नि चेतन हुई। मीठा-मीठा दर्द उठ […]

सकल  गरल  धर,जगत  प्रगत  कर, प्रबल  तमस  हर,भव  भय मन तर। जल थल  गगन व ,अनल पवन सब, प्रलय  हरत   कह,बम-बम  हर-हर। सतत  जपत  मन ,प्रणव  नवल तप, लय  मन  नभ तन,रजत  वदन धर। सरल  मलय  बन,हसद  अपनयन, नयन गवन कर,अभय  वरद  झर॥             […]

ये कैसा दर्द दिया,मेरी मौत को शर्मसार किया, माना तुम नौजवान थे,जांबाज थे बहुत ये क्या कर दिया नाजुक-सी ककड़ी को हाथों से मसल दिया। मैं गुड़िया नाजुक-सी,नन्हीं कली दुलारी मां-बाप की,लाड़ली भाई की अपने। जाती थी पाठशाला होकर बहुत खुश, दिन उस भी कह मां को गई आती हूँ […]

  आसमां का कतरा जो पिघला तो पिघलकर बून्द बन गया, और आसमां से बिछुड़कर धरती से मिल गया.. पर आसमान से धरती तक का उसका सफ़र बड़ा अजीब था, वही बिछुड़ा उससे जो सबसे उसका अज़ीज़ था.. एक नई दुनिया में उसे जाना है अनजाने रिश्तों की गाँठ में […]

मैं केवल कोशिश करता हूँ, शब्द कलरवित  गाने  की। मैं केवल कोशिश करता हूँ, गंगाजल में नहाने की। कोशिश सदा यही रहती कि, प्यास बुझे  जमजम  जल से। मैं केवल कोशिश करता हूँ, गुरूद्वारा  में  जाने  की॥                           […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।