धन तेरस के बाद मन तेरस आना चाहिए – श्री सत्तन इन्दौर। श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति के साप्ताहिक आयोजन सृजन विविधा में साहित्यकारों ने रचनापाठ किया। सृजन विविधा में राष्ट्रकवि सत्यनारायण सत्तन ने ‘मन मन्दिर में बसे तुम सब का स्वागत करता हूँ, किन्तु विनय यही कि अंत तक […]

स्टॉकहोम। स्वीडिश एकेडमी की नोबेल समिति ने लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई को उनके उपन्यास साहित्य के लिए 2025 का नोबेल पुरस्कार दिया। मेडिसिन, फ़िज़िक्स और केमिस्ट्री के बाद इस सप्ताह घोषित होने वाला यह चौथा नोबेल पुरस्कार है, जिसे साहित्य के क्षेत्र में दिया गया है। स्वीडिश एकेडमी ने उन्हें सम्मानित करते […]

भोपाल – माधव सप्रे संग्रहालय, भोपाल में इस वर्ष का कर्मवीर सम्मान शोध सन्दर्भ सामग्री के संचयन, संरक्षण और प्रबंधन के सारस्वत अनुष्ठान में जीवन के क़रीब चार दशक समर्पित करने वाले कमलेश सेन, इंदौर को उनके ऐतिहासिक कार्य के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश हिंदी ग्रन्थ […]

हे रघुकुल भूषण राम तुम्हारी जय- शुभम स्वराज इंदौर। दो दिवसीय “इंदौर प्रॉपर्टी महोत्सव” 2025 के दौरान सजन प्रभा गार्डन में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ। कवि सम्मेलन में सांवेर के शुभम स्वराज ने ‘जग के तारण नाम तुम्हारी जय हो, धरा के पावन धाम तुम्हारी जय हो। […]

इंदौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा मासिक काव्य गोष्ठी ‘कविताई’ आत्म अनुभूति मंच में रविवार को सम्पन्न हुई, जिसमें कवियों ने काव्य पाठ किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘गोष्ठी ही कविता के प्रस्तुतिकरण को सीखने का अखाड़ा है, यही सीख कर मंचीय कविता बलवान होती है।’ […]

माहभर मातृभाषा ने करवाए डिजिटल प्रतियोगिताएँ एवं विभिन्न कार्यक्रम इन्दौर। हिन्दी भाषा को प्रचारित, प्रसारित करने के उद्देश्य से सितम्बर माह को मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी माह के रूप में मनाया जाता है। इस माह में संस्थान द्वारा हिन्दी महोत्सव 2025 का आयोजन किया गया। विगत 6 वर्षों से […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।