काट दिया सिर वीरों का,फिर से उन सब नापाकों ने। रक्त उतर आया है देखो,फिर से सबकी आँखों में।। ओज़ छोड़ अब मर्म समाया,देखो मेरी बातों में। देश का गौरव क्षीण किया है,बस ऐसे हालातों ने।। कुत्ते की दुम भी हाँ बंधु,सीधी भी हो सकती है। आतंकों में मानवता पर,कभी […]
अश्विनी कुमार `सुकरात` ================================ -शिक्षा को अंग्रेजी माध्यम के बोझ से मुक्त करने एवं परिवेश की भाषाओं में केजी से पीजी-पीएच़डी तक समान-सार्थक औपचारिक शिक्षा व्यवस्था,कानून-न्याय व्यवस्था और रोजगार व्यवस्था हो,इसलिए संविधान के अनुच्छेद 348, 343(1) & (2),351,147, 21A में व्यापक संशोधन अपरिहार्य है। इस मांग को लेकर 14 मई […]
