प्रजातंत्र की ज्योति रेखा के रक्षक पत्रकार- सत्तन मन मेरा सीता है लेकिन उर्मिला-सी हो गई हूँ-नरेंद्रपाल ‘गीत गुंजन’ पुस्तक विमोचन एवं कवि सम्मेलन सम्पन्न राष्ट्रकवि सत्तन जी को ‘स्वर्णाक्षर सम्मान’ से किया सम्मानित इंदौर। ‘न इस पार वाले न उस पार वाले, ये आईना दिखाते हैं अख़बार वाले’ ऐसी […]

गांव की सरहद पर ही उसने ड्रायवर को गाड़ी रोकने का बोल दिया था । उसकी गाड़ी के रूकते ही साथ वाली अन्य गाड़ियां भी रूकती चली गई थीं । चपरासी ने गाड़ी का दरवाजा खोल दिया था । उसके गाड़ी के नीचे उतरते ही सुरक्षा जवानों ने उसे कव्हर […]

आज मिशन शक्ति व मिशन प्रेरणा के तहत विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं तथा ऑनलाइन मीटिंग, वेबिनार, रीड अलोंग, सभी कार्यक्रम गांव-गांव शहर-शहर चल रहे हैं। सभी शिक्षकगण भी चुनौती को सुअवसर में बदलने का प्रयास कर रहे हैं। विगत कुछ वर्षों में हम शिक्षकों व […]

कितनो के पुत्र आजकल, करते मां बाप की सेवा। सब कुछ उन पर लूटकर, खुद बन जाते है भिक्षुक।। और पुत्र इन सब का, कैसे अदा करते है कर्ज। भेज उन्हें बृद्धाश्रम में, फिर भी कहलाते पुत्र।। कलयुग की महिमा तो देखो, बिना फर्ज भी पुत्र बने रहते। क्या ऐसे […]

संपादक – डॉ. नरेश कुमार सिहाग (एडवोकेट) व अतिथि संपादक धनंजय चौहान मंगलमुखी के श्रेष्ठ संपादन में प्रकाशित बोहल शोध मंजूषा का साहित्य, समाज और किन्नर विशेषांक बहुत ही सुंदर बन पड़ा है | करीब 260 प्रष्ठों का फुल साइज में आकर्षक आवरण पृष्ठ के साथ बेहद ज्ञानवर्धक सामग्री से […]

हवा दीया बुझा तो सकती है जलाना उसके वश में नही विकार हमे गिरा तो सकते है संवारना उनके वश मे नही नकारात्मक अवरोधक तो है गति देना उसके वश मे नही जो वश में है करके देखिए सकारात्मक बनकर देखिए दूसरे की मदद करके देखिए ईश्वरीय विश्वास करके देखिए […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।