दुनिया की भलाई के लिए मानवीय महानता बनाए रखने के लिए, पैगंबर (शांति उस पर हो) ने एक संदेश लाया जो धर्म की भावना, धर्मशास्त्र की पहली शर्त और मानव गरिमा का आधार था। सत्य केवल एक शब्द है। अल्लाह के सिवा कोई ईश्वर नहीं है एक वैश्विक मानव समुदाय […]

इंसान इंसान को समझता है इसलिए वह प्यार करता है। उनके जज्बातो को जानता है इसलिए वह प्यार करता है। और प्यार की परिभाषा को अलग ठंग से पेश करता है। जिस कारण दिलमें कभी उसके शब्दो से दर्द होता है।। उनके गमों से सिखा की दर्द का एहसास क्या […]

सबके सुख की सोचिए करिए ऐसा काम खुद को सन्तोष मिले पीडितो को आराम धन की गति भी जानिए दान है सर्वोत्तम उपाय स्वयं पर भी खर्च करे वर्ना गति बुरी हो जाए परमात्म ज्ञान यही है जो कहलाये गीता सार जिसने भी अपनाया हुआ उसका उद्धार ।#श्रीगोपाल नारसन Post […]

कुछ याद है ,कुछ याद नही कुछ खो गए, कुछ गुमनाम सही कुछ भुलाये गए कुछ भुलाये नही ऐ जिंदगी ! थोड़ा रुक थमजा … कहते थे यही सब दौड़ भाग में थोड़े कम ज़िंदा मोहलत मांगी थी कुछ हमेशा से खुद के वक़्त के लिए कि सुकून से महके […]

लोग मर रहे हैं सांस-सांस के लिए तड़प रहे हैं चहुंओर भयावह मंजर है । जरा एक नजर तो घुमाओ हॉस्पिटल की ओर आत्मा चीत्कार करने लगेगी । अपनों की परवाह में तिल-तिल मरते अपने… क्या गरीब ? क्या अमीर ? सबको करोना महामारी मौत के मुंह में धकेलती जा […]

बजरंग बली अब आ जाओ, संकट से प्रभु हमको बचाओ। संजीवनी बूटी फिर से लाओ, आकर अपनी सृष्टि बचाओ। आप ही हो प्रभु आस हमारे, हम सबके प्रभु आप सहारे। रघुनन्दन के थे काज सँवारे, बिगड़े बना दो काज हमारे। लाँघ समन्दर फिर आ जाओ, महामारी से हमको बचाओ। पूँछ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।