पुस्तकें हमारी यार हैं, ज्ञान का भण्डार हैं। कर लो इनसे दोस्ती, जीवन का ये सार हैं। सूरज इनमें तारे इनमें, बादल भी इनमें बरसें-2 ओ……….. इनमें भी चलती पुरवैया, खुशियाँ इनसे बरसें-2 पुस्तकें हमारी…….. राजा रानी की किस्से हो, या परियों के कहानी-2 ओ…….. भालू बन्दर की शैतानी हो […]

भारत दुनिया के मुकाबले स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे कम खर्च करती है हमारे यहां जीडीपी का मात्र 1•२% ही स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाता है।वक्त आ गया है कि अब इसमें अच्छी खासी बढोतरी की जाय। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति ने तो राज्य सरकारो को 8-10% तक बजट में खर्च […]

हे! परम पिता पूज्य परमात्मा, इस कोरोना का कर दो खात्मा। हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है, शवो का काफी अंबार लगा हुआ है। श्मशान में जगह कहीं नहीं है, वहां पर भी लंबी लाइन लगी है। कर दो प्रभु इन सबका खात्मा, हे! परम पिता पूज्य परमात्मा। अस्तपतालो मे […]

कर्नाटक के हरिदास ने दर्शन को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि अभी तक कोई भी सही समाधान में भेजने में सक्षम नहीं था, जो अजीब नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे माधव विचारधारा के अनुयायी थे। हरिदास साहित्य […]

भक्तो से प्रभु कह रहे मेरे तुम एक बात सुन लो। उस पर तुम अमल करो। जिंदगी तेरी बदल जायेगी। फिर तेरी आस्था मुझे पर निश्चित ही बड़ जायेग। क्या मैं कहता हूँ जरा तो तुम सुन लो।। तुम अपना रंज-ओ-ग़म, अपनी परेशानी मुझे दे दो करो तुम देव दर्शन […]

जब अदालते सरकार पर सवाल उठाने लगती है तब समझ लेना चाहिए सरकार की भारी गलती है इन ग़लतियो से सबक लो आमजन को राहत दो आक्सीजन लीकेज से 24 मरीजो का मरना कही दवाई न मिलना कही बैड के लिए भटकना असंतोष बढ़ा रहा है व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।