परमात्मा कहां चले गए तुम बुला रहे हम नही आए तुम आए हो तो असर दिखला दो कोरोना को जड़ से मिटा दो जो बीमार है उन्हें स्वस्थ बना दो चेहरे पर सबके मुस्कान ला दो खल रहा है अव्यक्त हो जाना सुंदर दुनिया का उजड़ सा जाना अब आ […]
हूँ किस्मत से मजबूर मगर, मेहनत की रोटी खाता हूँ। दौलत शौरहत तो पास नहीं, बस मेहनत पे इतराता हूँ ।। दो वक्त की रोटी की ख़ातिर, दिन रात परिश्रम करता हूँ। बहा कर खून पसीना अपना, परिवार का पेट मैं भरता हूँ। नदियों पर मैं बांध बनाता, रेलों की […]
आज अंधेरा है,कल उजाला भी आयेगा, आज किसी का है,कल हमारा भी आयेगा। उम्मीद पर है दुनिया कायम ए मेरे दोस्तो, ये अंधेरा इस संसार का कल मिट जायेगा।। रखो आशा की किरण,निराशा से क्या होगा, निराश होकर कभी भी कोई काम नहीं होगा। निराशा मे ही आशा छिपी है […]
देख लिया जग सारा तुमने चलो लौट चलें अब गांव की ओर सदियों से ढोते अपमान ,गंदगी दरिद्रता ,अत्याचार, लाचारी बड़ी-बड़ी अट्टालिकायों के पीछे छिपे उस दोगले इंसानों को मतलबी, मौकापरस्त, स्वेच्छाचारी उस चमकते किंतु सिसकते महानगरों से जहां गरीबी सबसे बड़ी गाली है जहां पैसा ही भगवान है दूर […]
हर देश की प्रगति में श्रमिकों का बड़ा हाथ होता है। देश की रीड भी मजदूर होता है। बिना मजदूरों के कोई भी कुछ कर नहीं सकता है। इसलिए तो इन्हें मिलो का भगवान कहा जाता है। और बिना मजदूरों के कोई उद्योगपति बन नहीं सकता।। मजदूर की मेहनत से […]
कब तक दिखावा करूँ अपने मुस्कुराने का नहीं होता अब…… भर आती है आँखे छलक जाते है आँसू मंदी की मार ,कभी पिता कभी माँ बीमार कब तक दिखावा करूँ……. रोज टूटता हूँ रोज बिखरता हूँ नहीं देख पाता लाशों के ढेर कब तक दिखावा करूँ………. बच्चों की पढ़ाई का […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।