धन-धन बेटी गूजरी,माता पन्ना धाय। बेटा का बलिदान दे,मेवाड़ राज बचाय।। जबजब विपदा धरतीआई। नारी देवी रूप बनाई।।1 आठ मार्च सन चौदह नब्बे। जनमी पन्ना बनके अम्बे।।2 हरचंद सुता ग्राम पंडोली । सुंदर रूपा मीठी बोली।।3 दूध दही का भोजन करती। खेली लाठी कुश्ती लड़ती।।4 समय पाय जब भइ तरुणाई। […]
भारत की साहित्यिक संस्था “राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान” द्वारा श्रीमती कमला सिन्हा जी के स्मृति मे आयोजित अखिल भारतीय साहित्यिक प्रतियोगिता संपन्न हुआ ! इस कार्यक्रम को संस्था के राष्ट्रीय महासचिव रूपेश कुमार द्वारा आयोजित किया गया जो कार्यक्रम के रूपरेखा भी तैयार किये! “श्रीमती कमला सिन्हा” के प्रथम स्मृति […]
