हम भारत माँ के लाल कैसे सह लेंगे अपमान हमकों अपनी बेटियों में भी दिखता हिंदुस्तान यादें कहती हमकों की चितौड़ हमारा सदा से पंजाबी शौर्य गाथा गाते गुरु गोविंद जी महान कभी अवंति बाई तो कभी लक्ष्मी बाई आती धरती का प्यास बुझाने चलाती दोनो कृपाण कभी मरकर भी […]

“लिये है सात फेरें सात वचनो को निभाऊँगी जाओगें जब सरहद पर आँसू नही बहाऊँगी तुम लौटकर आओ तो हाथों में तिरंगा रखना खाली नहीं आना…. चाहे तिरंगा ओढ़़कर आना” ………………………… किया था तुमने वादा वादा है तुमने निभाया सीने पर खाकर गोली वतन को अपने बचाया उजड़ा है सिन्दुर […]

# ३० रचनाकारों की प्रकाशित किताबों के लिए मिला मातृभाषा उन्नयन सम्मान # साझा संग्रह मातृभाषा भाग २ का भी विमोचन हुआ इंदौर । नगर की प्रतिष्ठित एवं हिन्दी आंदोलन के लिए सक्रीय साहित्यिक संस्थान मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा वार्षिकी का आयोजन ५ जनवरी २०१९ को दिल्ली के एन डी […]

समारोह में शामिल हुये प्रदेश के संरक्षक व अध्यक्ष रायगढ़  | वनांचल विकास खण्ड व औद्योगिक तहसील तमनार के फॉरेस्ट विभागीय गेस्ट हॉउस में , प्रदेश के पत्रकारों का यूनियन “छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर , रायपुर” पंजीयन क्रमांक 653 के बैनर तले गत् दिवस एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया […]

हम  हर  लम्हा  तुम्हे  पुकारते रहे दहलीज पर खड़े राह निहारते रहे जीत जावोगे तुम हमको था यकीन तुम्हे जीताने हम अक्सर हारते रहे दर्द पलता रहा  तुम्हारी  जुदाई का हम अपनी  ही  खुशियां  मारते रहे लिखी है इबारत एक तेरी मोहब्बत की और हम तन्हा ही जीवन गुज़ारते रहे […]

देना  हो  दातार  तो, दे  शबरी   सी   प्रीत। पवन तनय सी भक्ति दे,कर्ण सरीखा मीत।। .                भ्राता देना लखन सा,यसुदा जैसी मात। राम सरीखा पुत्र हो, दशरथ जैसा तात।। .                राधा जैसी प्रिया हो,कर्ण सरीखा मीत। भाग्य सुदामा से भले,तानसेन से गीत।। .                अक्खड़ पना कबीर सा,रस जैसे रसखान। अर्जुन  […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।