पूरे विश्व के सामने शर्मसार होने से बची भारत की कानून व्यवस्था। वाह रे षड़यंत्रकारी सियासी लोग। ऐसा सियासी षड़यंत्र कभी गंदी गलियों में हुआ करता था फिर धीरे से यह सत्ता के गलियारे तक पहुँच गया। लेकिन कभी यह षड़यंत्र देश की शीर्ष अदालत को भी अपनी चपेट में […]

दग्ध हृदय से विचलित होकर एक ऐसी राग सुनाता हूँ, शहिदों की शहादत को मैं शत् शत् शीश नवाता हूँ| वीरप्रसूता धरा सोनियासर का गुणगान हमेशा गाता हूँ, कलम से अंगार उगलता निज “राही”नाम कहलाता हूँ|| पुलवामा का घाव भरा नही फिर दुष्टों ने उसे कुरेदा हैं, शांतिप्रिय राष्ट्र के […]

साहित्य संगम संस्थान सबका प्रयास, सबका विश्वास, सबका विकास पर कार्य करते हुए सबको सहभागिता का सुअवसर प्रदान करता है । इसी आधार पर देश के विविध प्रांतों के विविध वर्गों से जुड़े साहित्यकार साहित्य संगम संस्थान का वार्षिकोत्सव २ जून को तिनसुकिया में साझा आर्थिक सहयोग कर करा रहे […]

जमदग्नि ऋषि हुए महान रेणुका ने जन्मा परशुराम । चहुंओर गाएं  मंगल गान धन्य हुआ जानापाव धाम ।। फूलों को दी इन्होंने खुशबू सह्स्त्रार्जुन को देकर मात । अधर्म धरा से मिटाने आएं साक्षात भगवान परशुराम ।। करें मानव सदा नेक काम इतिहास में अमर  हो नाम । प्राणियों को […]

मातृभाषा में करो, मन के व्यक्त विचार। मातृभाषा ही बने, सब सुख का आधार।। निज भाषा के मान से, है सबका सम्मान। भूलकर भी नहीं करो, तुम इसका अपमान।। मन की पीड़ा कह सको, नित अपनों के बीच। निजभाषा की धार से, वाणी को लो सींच।। हिंदी का नित मान […]

*नोबल पुरस्कार से सम्मानित रवीन्द्रनाथ टैगोर की यादों का गुलदस्ता* संदर्भ:- 7,मई, टैगोर जयंती -राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” शिक्षक एवम साहित्यकार     कलकत्ता ब्रिटिश भारत मे 7 मई 1861 को देवेन्द्रनाथ टेगोर व माता शारदा देवी के घर जन्में रवीन्द्रनाथ टैगोर देश के सुप्रसिद्ध लेखक,कवि,नाटककार,संगीतकार एवम चित्रकार थे। वे बांग्ला […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।