भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतन्त्र है जहाँ, एक ही वोट से मतदाता चार संस्थाओं/ पदों के चुनावों का मार्ग प्रशस्त करता है. वोट तो वह सिर्फ लोक सभा सदस्य को करता है किन्तु उसके उसी वोट से सरकार व प्रधान मंत्री के साथ राष्ट्रपति के चुनाव का मार्ग […]
किसी की मोहब्बत में खुद को मिटाकर कभी हम भी देखेंगे अपना आशियां अपने हाथों से जलाकर कभी हम भी देखेंगे ना रांझा ना मजनूं ना महिवाल बनेंगे इश्क में किसी के महबूब बिन होती है ज़िंदगी कैसी कभी हम भी देखेंगे मधुशाला में करेंगे इबादत ज़ाम पियेंगे मस्ज़िद में […]
इस तरह से घयाल मत करो। दिल मेरा नाजुक है, कही टूट न जाये। और जो बन रही है बात। कही वो बीच में, छूट न जाये।। कोई तो होगा आपके दिल में। जिसके लिए आपका, दिल धड़कता होगा। तुम अपना दिल, जिसको दोगे इससे पहले। इस न चीज पर, […]
किसी कवि की इच्छा शक्ति के सहारे उसकी सर्वोत्तम कविता का किसी अखबार या पत्रिका में छप जाना, उसके लिए मानदेय मिल जाना, किसी पुरस्कार के लिए चयनित हो जाना या किसी प्रकाशक की मेज पर पहुंच कर किताब की शक्ल में पाठक दरबार की हाजरी लगा जाना भर ही […]
जिंदगी में हर बार वक्त बदलता है ओर वक्त के साथ साथ सब कुछ बदलता है। वह जमाना था जब वेद ,मंत्रों को पढ़ाया जाता था। फिर युग बदला तब वेदों के साथ साथ हथियार कैसे चलाना भी सिखलाया जाता था, जो युद्ध में काम आते थे, फिर शिक्षा केवल […]
दुसरो की खुशी जो छीनते स्वयं में खुश न रह पाएंगे अहित जो दूसरों का करते हित अपना भी न कर पाएंगे अपने होकर जो बुरा करते अच्छे कभी न बन पाएंगे नकारात्मक जब तक रहेंगे सकारात्मक नही बन पाएंगे अपनो का ही नही गैरो का भी भला सोचते है […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।