एक होता था राजा पूरे व्रह्माण्ड पर भारी उनसे डरते थे दुष्ट दुराचारी। त्रस्त होते लोग भ्रष्ट होते लोग आधुनिकता की चादर में असभ्य होते लोग। पथ न मंजिल इधर-उधर भटकते लोग मान मर्यादा इज्जत प्रतिष्ठा से वेफिक्र होते लोग। वेहिसाब नफरतो का एक दूसरे पर तोहमतो का पग-पग लगा […]
