प्यार दिखाकर गोरी तुमने, मन तरंग झकझोर दिया। बिन डोर उड़ गई पतंग , गिरडा जाने! किस ओर गया।। पीपल पर्ण फुर हुआ जाए, आई समीर वेदवती । बैठ तटिनी सोच रहा, हुई क्यूँ विचलित मेरी मति।। जित देखूं तित छबी तुम्हारी, नैन,चैन निर्मूल हुए । शुक-शुकीनी से आकर्षित, भावभीनी […]
साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा छदोत्सव/बसंतोत्सव विशेषांक के मुख्य अतिथियों को साहित्य संगम संस्थान जबलपुर की आद छाया सक्सेना जी द्वारा दिनांक 18/04/2019 को आद प्रशांत करण जी,आद मीना भट्ट जी,आद चंद्रपाल सिंह जी,आद ब्रजेन्द्र सरल जी,आद राजीव डोगरा जी को विशेषांक पर अपना अमूल्य समय देकर कार्यक्रम के मुख्य […]
