“तुमको कुछ नहीं होगा… तुम सुरक्षित हाथों में हो।” अटपटी सी अंग्रेजी में कहा था उसने। होश में आने के बाद मंजीत ने खुद को किसी अस्पताल में पाया। जिस्म से कई मशीनें जुड़ी थीं और वो भी…. किसी जरूरी मीटिंग के लिए दिल्ली आया था। प्रेजेंटेशन के दौरान उसे […]
