कुछ तो है , जो बदल रहा है। ना जाने ये , क्या चल रहा है? जल रहा है जो एक दीया सदियों से। ऐ हवा ! अब ये तुमसे क्यों लड़ रहा है? बुझ तो नहीं रही रोशनी धीरे-धीरे। या फिर और जोरों से जल रहा है? मालूम है […]

जब आपने कह दिया है तो क्यों रुकेंगे किसी के सामने हम अब क्यों झुकेंगे । मोहब्बत किया है हमने, कोई चोरी नही मरे सारी दुनिया परन्तु हम क्यों मरेंगे । दिल में उसे बसाया है सच में सौरभ भूलें सारी दुनिया पर उसे नही भूलेंगे डर नही किसी का […]

अहा ये बरसाती मौसम सामने तुम दिल में मचलते अहसास पेग दो बीयर के लो ये शमा कोकटेल ही बन गया..! उस पर तुम्हारी आँखों से बहता प्यार बड़ी ही नर्मी से स्पर्शती है तुम्हारी निगाहें मुझे कि गुदगुदा ही जाती है..! हौले से दस्तक देती है मन की दहलीज़ […]

सात जन्मों का बंधन इतनी जल्दी भूल गई तू हाथ छुड़ाकर मेरा कितनी दूर निकल गई तू..! हंसता, मुस्कुराता, खिलखिलाता मेरा आशियां उज़ड गया, तू गई पीछे तड़पाने तेरी याद रह गई, कैसे खुद को संभालूँ अकेले जीना तूने कभी सीखाया ही नहीं तुम क्या गई मेरे तन से रूह […]

पता नही किस शहर में, किस गली तुम चली गई। मै ढूँढ़ता रह गया,तुम छोड़ गई । पता नही हम किस मोड़ पर फिर कभी मिल पाएँगे । इस अनूठी दुनिया में फिर किस तरह से संभल पाएँगे । पता नही तेरे बिन हम, जी पाएँगे या मर जाएँगे । […]

मेरा देश आज दो नामों में बँट गया है भारत और इण्डिया भारत पूर्वीय दैवीय गुणाच्छादित सभ्यता का प्रतीक और इण्डिया पाश्चात्य सभ्यता का. भारत इण्डिया के भार से दबा जा रहा है अधोपतन के गर्त में डुबाया जा रहा है. भारत की सात्विक संस्कृति की छाती पर इण्डिया की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।