क्रोधाग्नि है जिसका भूषण शीत उसे क्यों लगती होगी । आग उगलते जो जिह्वा से शीत उसे क्यों लगती होगी । सुखी देख कर अपने लोगों को जो जलते क्या ठंड लगेगी। आग लगाते जो समाज में उनके घर क्या आग जलेगी। शीत में पारा गिरते देखा मानव चरित्र हर […]

..”शारदीय नवरात्र” के बाद आनेवाला “दूधिया रौशनी” का “अमृत” बरसाने वाला त्यौहार “शरद पूर्णिमा” की हार्दिक शुभकामनाये.. खुली धरा पर पसरी शरद चंद्रमा की चांदनी छिटक चाँदनी की ख़ुशबू, मिलन की यमिनी धरती के हर आँगन पर, पूर्णिमा का आभास हर नारी में गोपी, और नर में कान्हा का वास […]

दोहा पुरूष पिता राजा बनें, परम पिता परमेश। पुरुष सृजन सृष्टि करें नशते सभी क्लेश।।    पिता-चालीसा    (चौपाई छंद)              १ पिता रुप मे महिमा भारी। निशदिन गाती सृष्टि सारी।।                  २ परम पिता परमेश्वर कहते। सबके […]

बचपन के घर ही अच्छे थे बटवारे का नही बिवाद एक साथ सब मिलकर रहते विभाजन की नही दिवाल खुशिया है हरएक भाग मे नही उठा है कोई सवाल यह घर मां की ममता का है रहने का सबका अधिकार विन्ध्य ने इसे महान कहा है भाई भाई का प्रेम […]

ये कैसी रंजिशें हैं? ये कैसी ख्वाहिशें है? जिधर दृष्टि डालो उधर ही तो साज़िशें हैं। इन अजब बन्दिशों का क्रंदन है जीवन, अंधेरे-उजाले का संगम है जीवन।। यहाँ तो हर शख़्स ग़मज़दा सा है, कुछ हारा और कुछ थका-थका सा है। इस हार और जीत के फ़लसफ़े में बस, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।