दिन प्रतिदिन चढ़ने लगा, राजनीति का रंग। विनम्र ,अनुशासित हुए ,नेताजी के ढंग ।। हाथ जोड़ नेता खड़े, जनता है हैरान । किसे दिलाए विजय श्री, हर एक परेशान।। बड़े घोषणा पत्र है, दिन के स्वप्न समान । बातों की बाजीगरी,भटकाती है ध्यान ।। कहते सभी चुनाव में, होगी पक्की […]

मैं तेरी प्रतिबिंब हूँ , अक्श हूँ सुन माँ । तेरे ही कदमताल की पहचान हूँ । आवाज हूँ तेरी मेरी धड़कनें मेरी जान सबकुछ अमानत है माँ तेरी । मेरे शब्दों में समायी है बस धुन तेरी । तन में बहता लहू का हर कतरा है तेरा । मैं […]

सच की राह कहाँ आसान होती है, खुदी इसमें अपनी कुर्बान होती है। जलाना पड़ता है दिल ओरों के लिए, दफन इसमें अपनी पहचान होती है। अपने भी होते हैं खिलाफ़ कभी, फीकी उनकी भी कभी मुस्कान होती है। मुश्किलें होती हैं लाखों राहों में लेकिन, मुश्किलों में ही सच […]

शिक्षक हूँ,कई मुसीबतों से लड़ता हूँ, बच्चों के सुनहरे सपनों को गढ़ता हूँ। लेकर आए हैं बच्चे,मेरे पास कुछ आशा, जानते नहीं अपने,भावी जीवन की भाषा उनकी मूक भाषा को,समझता हूँ,पढ़ता हूँ, बच्चों के सुनहरे,सपनों को गढ़ता हूँ। शिक्षक हूँ….॥ मूल कर्म करने से,कई बार रोका जाता है, गैर शैक्षणिक […]

स्नेह संचित घना वृक्ष है परिवार…, कई रिश्तो में गुंथा हुआ सुन्दर हार है परिवार…। जैसे वृक्ष की डालियाँ फूल, पत्तियां ,फल ,छांव, ऐसे ही घर के बड़े बुजुर्ग स्नेह व् संरक्षण की छांव देते, सहेजते पल्ल्वित करते हैं परिवार…। जिनकी छत्रछाया में खेलता बढ़ता निश्छल बचपन, उन्मुक्त यौवन और […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।