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पितृ हृदय की भावनाएं

पंखुड़ियों सी कोमल होती हैं -बेटियां धरती पर पाक अवतार होती है -बेटियां मासूम सा प्यार होती है- बेटियां ठंडी हवाएं सा सुकून देती है-बेटियां  ओस सी पावन है -बेटियां…
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फिर एक बेटे का भाल गया

चौड़ी छाती वालों का, यूँ एक राजनीतिक साल गया। मातृभूमि की सेवा में, फिर एक बेटे का भाल गया॥ वह कोई नहीं तुम्हारा था, बस माँ की आँखों का तारा…
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धर्म एक दृष्टि

मेरी राय में धर्म एक जीवन दृष्टि है। सभी प्राणियों से श्रेष्ठतर संवेदनशील मानव की। अपने सर्वोत्तम की खोज उसे पाने का प्रयत्न एवं आत्म साक्षात्कार के रूप में उस परम शक्ति की…
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कैसे करें भरोसा

कैसे करें भरोसा किस पर करें यकीं। खुदगर्ज है जमाना खुदगर्ज है जमीं॥ प्यार की आशा छोड़ दे, न कर कभी यकीं। यहाँ झूठी आस है और प्यार की है…
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उपभोक्ता का ही हो रहा उपभोग

पता नहीं क्यों, हर अच्छे कार्य और दिवस की शुरुआत आंदोलन से ही हुई है, चाहे वो महिला दिवस हो या आज उपभोक्ता दिवस| सबसे पहले उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत…
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