रहें सलामत सबके भैया,सबको दुआ हजार। सजे कलाई हाथ सभी के राखी के त्यौहार॥ अमर भाई-बहना का प्यार…। धूप दीप रोली चंदन की थाली लिए खड़ी बहना। बाँधेगी निज प्यार कलाई छोटी और बड़ी बहना॥ एक अनोखे बँधन का है, यह पावन त्यौहार… अमर भाई-बहना का प्यार…॥ रेशे-रेशे में धागे […]

अंतस में होगा नहीं,जब तक ज्ञानालोक। बने रहेगें रात-दिन,जीवन में दुःख शोक॥ जितनी माला फेरिए, करिए मंत्रोच्चार। मन की पावनता बिना,यत्न सभी बेकार॥ अधरों पर हरि नाम है,मन में कटुता भाव। पार तरे कैसे कहो,भव सागर से नाव॥ धर्म पंथ की आड़ में,चलती मुहिम विशेष। धर्म नाम पर हो रहा,धर्म […]

तूफ़ानों में थामते,जो सत की पतवार। होती है भव से सदा,उनकी नैया पार॥ विपदा काले धारते,जो अंतस में धीर। विजय वरण करते सदा,केवल वही सुधीर॥ तूफ़ानों से जो लड़े,हुए अंततः पार। कोशिश की होती नहीं,कभी किसी युग हार॥ तम की छाती चीरकर,निकली किरण सुदीप। जब मन में रोशन हुआ,आशाओं का […]

आँगन-आँगन उग रहे,भौतिकता के झाड़। संस्कारों की तुलसियाँ,फेंकी गई उख़ाड़॥ मन में जब पलने लगें,ईर्ष्या द्वेष विकार। तब निश्चित ही जानिए,नैतिकता की हार॥ जिनका जीवन मंत्र है,कर्म और पुरुषार्थ। वे जन ही समझे सदा,धर्मों का भावार्थ॥ जिनके मन पैदा हुआ,वैचारिक भटकाव। डूबी है उनकी सदा,भवसागर में नाव॥ कर्म भूल जब-जब […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।