जी हां बात करते हैं उत्तर प्रदेश के धरती की। इसलिए की कहते हैं दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर ही गुजरता है। तो आइए आपको उत्तर प्रदेश की धरती पर लेकर चलते हैं, जहाँ गठबंधन की जीत से पहले ही हार का खाका अभी से ही खींचा जाने […]

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा फेर बदल जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। जनता के बीच प्रियंका का करिश्मा काम आने लगा है। कई पार्टी के नेताओं का झुकाव अब सीधे-सीधे कांग्रेस की ओर झुकता हुआ दिखाई देने लगा है। खास बात तो यह है कि उत्तर प्रदेश […]

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा फेर बदल जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। जनता के बीच प्रियंका का करिश्मा काम आने लगा है। कई पार्टी के नेताओं का झुकाव अब सीधे-सीधे कांग्रेस की ओर दिखाई देने लगा है। कांग्रेस ने भाजपा में भी सेंध लगाने का कार्य किया […]

देश के सूर-वीरों तुम्हें इस देश का सलाम। तुम्हारी वजह से ही आज हम सुरक्षित हैं, अन्यथा दुश्मन देशों की निगाहें भारत के प्रति टेढ़ी ही रहती हैं। वह चाहे ड्रैगन हो अथवा आतंकिस्तान। आज भारत की सेना ने विश्व के सामने अपने शौर्य एवं पराक्रम का एक रूप प्रस्तुत […]

अत्यंत दुखद एवं चिंता का विषय है कि हम मात्र शब्दों के संग्राम से कार्य करने की स्थिति में प्रवेश कर गए हैं, जहाँ से हम संभवतः अब निकलना नहीं चाहते। ऐसा क्यों? इसका उत्तर ढ़ूँढ़ पाना अत्यंत कठिन है। क्योंकि, हम मात्र शब्दों के आस-पास की ही धुरी पर […]

आज के समय में राजनीति ने सब-कुछ अपने हित के अनुसार बाँध रखा है। छोटे से छोटा प्रतिनिधि अपने इच्छा एवं राजनीति के समीकरणों के अनुसार ही फैसले लेता है। प्रत्येक फैसले राजनीतिक लाभ एवं हानि के अनुसार ही किए जाते हैं। क्योंकि, एक छोटा से छोटा नेता अपनी कुर्सी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।