वाह रे देश की बड़ी-बड़ी कुर्सी पर विराजमान बड़े-बड़े जिम्मेदार। क्या कोई भी जिम्मेदारी लेगा यह सोचना ही अपने आपमें बेईमानी है। क्योंकि यह सत्य है कि कोई भी जिम्मेदारी लेने के लिए आगे कदापि नहीं आएगा। दुखद यह है कि समस्या के निराकरण पर जितना जोर देना चाहिए वह […]

देश आज एक ऐसे कगार पर आकर खड़ा हो गया जहाँ पर धन की लालसा बिलकुल साफ दिखने लगी है इसी कारण मौत और जीवन में अंतर बिल्कुल साफ नजर आने लगा है। यदि शब्दों को बदलकर कहें तो शायद गलत नहीं होगा कि एक बार फिर न्यूनतम एवं मध्यम […]

भारत की भूमि का एक-एक कण खून से सींचा गया है। भारत की मिट्टी को वीर सपूतों ने अपने खून से सींचकर तैयार किया है। इस आजादी के लिए माताओं ने अपने वीर सपूतों को देश के ऊपर कुर्बान कर दिया। भारत की आजादी के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी […]

सियासत में कुछ भी निर्धारित नहीं होता यह अडिग सत्य है। जिसका मुख्य कारण यह है कि सियासत में जब भी जहाँ भी जैसी आवश्यकता होती है राजनीति उसी अनुसार गतिमान हो जाती है। जी हाँ बिहार की राजनीति ने एक बार फिर से नई करवट ली है जिसकी जिम्मेदारी […]

पूरे विश्व में एक भारी संकट है जिसे कोरोना अथवा कोविड 19 के नाम से जाना जाता है। जिससे पूरा विश्व त्रस्त है। दुनिया के सभी देश इस प्राण घातक बीमारी से बाहर निकलने के लिए पूरी तरह से संघर्ष कर रहे हैं। पूरे विश्व की आर्थिक स्थिति पूरी तरह […]

सियासत एक ऐसा खेल है जिसकी रूप रेखा सदैव ही पर्दे के पीछे से तय की जाती है। पर्दे के बाहर खुले आसमान के नीचे सियासत का दिखाई देने वाला रंग-रूप पर्दे के पीछे ही गढ़ा जाता है यह एक अडिग सत्य है। जिसे नकारा नहीं जा सकता। इसका मुख्य […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।