गर्दभ वाहन पर होकर सवार शीतला माता देने आई दुलार । आगे चलें हनुमान पीछें भैरव माता देने आती शीतल बहार ।। दही संग शक्कर – चावल का नेवैद्य   बनें   अमृती  रसधार । ठंडा भोजन  बडा  गुणकारी रक्तचाप रोग में नियंत्रण कार ।। चेचक ,आसाध्य रोग दूर होय आएं जो […]

प्रेमरंग की बौछार रंगपंचमी सद्भाव की  बहार रंगपंचमी । आनंद मय हो जीवन हमारा ऐसी शुभकामना है रंगपंचमी ।। गेर संग निकले  फाग यात्रा कान्हा संग  निकले है राधा । हर गांव-शहर बना इंद्रधनुषी प्रेमरंग से दूर  करें  हर बाधा ।। बच्चों की टोली लगे निराली द्वेषभाव से दूर है […]

गुलाल की बौछार पिचकारी की धार । गुझिया की मिठास रिश्तों में भरे  प्यार ।। होलिका  का  संहार जीते प्रहलाद कुमार । बुराई का होता अंत कहें होली का त्यौहार ।। छाया रंगों का शुमार लाया प्रेम की फुहार । बसंती टेशू – पलाश रंग का  चढा खुमार ।। ढोल-मांदल […]

वतन पर जो  फ़िदा  हो जाएंगा । मरकर भी वह जिंदा हो जाएंगा ।। मातृभूमि पर बलिदानी बंदे के लिए जन-जन गर्व से सजदा हो जाएंगा ।। गद्दारों का जीना  दुश्वार हो जाएगा । देशभक्ति  का रंग  घना हो जाएगा ।। रहेगी  भाईचारें  की  रंगत  चहुंओर तब सीना छप्पन इंच […]

महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं……….. मातृशक्ति के अनेक रुप कार्यशैली  इसकी अनूप । घर- आंगन की स्वच्छता और सेवा का  गुण खूब ।। माँ,बहन,बेटी,पत्नी रुप दोनों कर है दस अनुरुप । पढने -लिखने में है आगे मुकाम पाकर होय खुश ।। समझें खुद  को  अनुज कुल को दें छांव सहे […]

खुशी-खुशी दो तुम परीक्षा एक  उत्सव  हैं हर  परीक्षा । हंसते-हंसते करों पर्चा हल मत  करों  तुम  कोई चिंता ।। मित्रों पाई जो हमनें शिक्षा बस  चलें  हम  उसी दिशा । गुरुजनों ने  सिखाया पाठ प्रश्नों का उत्तर मोती सरीखा ।। प्रतिभा का आईना है परीक्षा सिखाती  जीने  का सलीखा […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।