आज सुबह से ही घर में बड़ी चहल-पहल थी ,सभी जल्दी नहा धोकर तैयार थे।  ब्राह्मण भोजन की तैयारियाँ की जा रहीं थीं।  दादा जी को जो भी वस्तु पसंद थी सभी बनाई जा रही थी ।पंडित जी के आते ही भोजन की थाली सजाई गई और पूजन विधि के […]

उस मिश्रित आबादी वाले मौहल्ले में किसी संस्था द्धारा महिला सभा आयोजित हुई। सभा में अमीर-गरीब सभी महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। सभा शुरू होने से पहले एक अमीर महिला ने दिवाली के दिन महंगा बड़ा टीवी ख़रीदने की बात मौजूद महिलाओं को बताई। सभी ने उसकी बात सुनी, […]

गानों  की कल्पना,राग,संगीत के साथ गायन  की मधुरता  कानो  में मिश्री घोलती  साथ ही साथ मन को प्रभावित भी करती है | गानों का इतिहास भी काफी पुराना है | रागों के जरिए दीप का जलना, मेघ का बरसना आदि किवदंतियां प्रचलित रही है ,वही गीतों  की राग ,संगीत  जरिए  घराने भी […]

स्कूल की जब होती छुट्टी ऐसा लगता मानों बगीचे में उड़ रही हो रंग -बिरंगी तितलियाँ  । तुतलाहट भरी मीठी बोली से पुकारती अपने पापा को पापा … इतनी सारी नन्ही रंग -बिरंगी तितलियों में मुझे ढुंढने लग जाती पिता की आंखे । मिलने पर उठा लेते मुझकों वे गोद […]

बेटी बचाओं ओ दुनिया वालो बाबुल करता है अब ये गुहार दुनिया रहेगी जब होगी बेटी  कहती है ये माँ की पुकार * खिल जाते है मन सभी के बिटियाँ हो हर घर सभी के दुःख दूर होगा सुख होगा पास बस करना तुम सबपे ये उपकार बेटी बचाओं ………………. […]

तुलसी के समीप जलता दीपक आँगन का करता प्रतिनिधित्व लगता नन्हा सूरज लेता हो जन्म रोज आँगन में । श्रद्धा /आस्था /प्रेम /कर्तव्य की भावना दीप की लो में ज्यादा प्रकाशवान दिखाई देती है जो माँ ने सिखलाई थी बचपन में याद आती है तो पाती हूँ तुलसी की क्यारी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।