लाखों लोग कर रहे अनशन ऐसी क्या मजबूरी है जू तक नहीं रेंग रही इनके  बस प्रचार जरूरी है नौ-नौ दिन से भूखे-प्यासे घरबार तक छोड़ दिया बेरोजगारी की जकड़न में जीवन ने  मोड़ लिया एक हजार की भर्ती निकले लाखों फॉर्म भरते है उम्मीदें टूट जाती है जब सब […]

क्या करूँ , मौन रहूं या बोल दूँ । इन नेताओं की ईमानदारी के , सारे राज खोल दूँ ।। क्या करूँ , मौन रहूं या बोल दूँ ।।।। भेड़ चाल से सरकार बन रही , जबकि वोट हमारा अधिकार है । नेताजी कह रहे , मुझे ही वोट देना […]

चाँदनी रात में तारो को , देखके सोचू ,        काश ! कोई सितारा मेरे आँगन में उतरता । मेरे घर में आये एक छोटी सी गुड़िया ,           मेरा आँगन भी आसमान सा निखरता ।। अब तो खुदा !  सुन मेरी पुकार , […]

                        जय श्री कृष्णा भगवान श्री कृष्ण की कृपा से आपके जीवन में प्रेम, सौहार्द और खुशियां बनी रहे । सभी देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एव बहुत बहुत शुभकामनाएं । सुन कान्हा , तू फिर […]

राखी का त्यौहार आया ,                   संग में खुशियां हजार लाया । भाई-बहन का सच्चा प्यार ,                       एक धागे में पूरा समाया ।। बहन अपने पीहर आयी ,       […]

कुछ ख्वाहिशें थी मेरी , जो सिर्फ ख्वाहिश बन कर रह गयी । कुछ अरमानों की झोपड़िया , मजबूरियों से ढ़ह गयी ।। कुछ ख्वाहिशें थी मेरी ……………….जो सिर्फ ख्वाहिश बन कर रह गयी ।।। बचपन में देखे थे मैने , बड़े-बड़े और प्यारे सपने । लेकिन जवानी में आते-आते […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।