भूख तुम कुछ भी हो कविता नहीं हो/ कहानी,ग्रंथ,निबंध भी नहीं; सब भोथरे है तुम्हारे आगे, बदलती रही है प्रासंगिकता इनकी समय के साथ / तुम नहीं बदली तुम्हारा होना ही प्रमाण है, तुम्हारी अमरता का सदियों से विचरती रही तन मन धन के वास्ते कभी “मधु” के चावल […]

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माना कि इस मौत से हर एक जीव डरता है, मगर दुखों से कौन सरोकार पसन्द करता है। जीव कष्ट भोगकर भी,जीने की लालसा रखता है दुख-अपमान के पीकर घूँट,चाहें हर रोज़ मरता है। बुढ़ापे में फीके पड़ते गये,जीवन के सतरंगी रंग, भजन भूल, दुख ही बाँटे,अपने जीवनसाथी संग। सत्कर्म […]

जिस द्वार पर लिखा मिले सुस्वागतम् वही हमारी कुटिया है तुम चले आना । घास- पूस से सुसज्जित है दम्भ द्वेष वहाँ वर्जित है नाजुक हैं उसकी किवाड़ी ज़रा प्रेम से धकियाना । सौंधी – सौंधी महक मिलेगी कुछ चिड़ियों की चहक मिलेगी परम शांति वहाँ हवा में कुछ शहरों […]

विश्व में फहराए पताका, ऐसी राजधानी चाहिए, व्यवस्थाओं को जो बदल डाले, ऐसी जवानी चाहिए। सत्य हराने को, रिश्वत में जो नोट होता है, हर नोट पर, ”सत्यमेव जयते”लिखा होता है। सत्यमेव जयते का अपमान, अब बंद हो, हर भ्रष्टाचारी के मुंह पर, घोर प्रतिबंध हो। लिखे काली करतूतों की […]

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मोदी और महबूबा की,  टूटनी एक दिन कमान थी, धधकती मोदी के दिल में, देश की आन बान शान थी। जब राष्ट्रप्रेम में थोड़ी भी, जलने की गंध आती हो, बुनियाद  खोखली करने को, दीमक जब लग जाती हो। मोदी जी का माथा ठनका, तोड़ दिया जो गठबंधन था, मुक्ति […]

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 जब लगे कि काले बालों में सफेद आने लगे हैं, तभी समझो कि अच्छे दिन जाने लगे हैं। शुगर का मीटर चढ़ने लगे, ब्लड प्रेशर घटने और बढ़ने लगे। कमजोरी सिर चढ़ कर बोले, कंठ का स्वर भी धीमा बोले। सांसे लगे हिलकोरे मारने, थकन चले आपको ललकारने। अगर नींद […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।