जवानी ऐसी होनी चाहिए

5 0
Read Time2 Minute, 39 Second
atul sharma
विश्व में फहराए पताका,
ऐसी राजधानी चाहिए,
व्यवस्थाओं को जो बदल डाले,
ऐसी जवानी चाहिए।
सत्य हराने को, रिश्वत में जो नोट होता है,
हर नोट पर, ”सत्यमेव जयते”लिखा होता है।
सत्यमेव जयते का अपमान, अब बंद हो,
हर भ्रष्टाचारी के मुंह पर, घोर प्रतिबंध हो।
लिखे काली करतूतों की गाथा,
ऐसी लेखिनी चाहिए,
व्यवस्थाओं को जो बदल डाले,
ऐसी जवानी चाहिए।
पवित्र गंगाजल भी, जब गंदा होने लगे,
जोरों पर, गौकशी का धंधा होने लगे।
भले ही,हमारा युवा, रोजगार को त्रस्त है,
फिर भी, बुक छोड़,
फेसबुक पर मस्त है।
लिखे जो प्रेमिका के किस्से केवल,
ना ऐसी कहानी चाहिए,
व्यवस्थाओं को जो बदल डाले,
ऐसी जवानी चाहिए।
वृद्ध जब अनाथालय में सिसकने लगे,
सत्य जब न्यायालय में तड़पने लगे।
तब हमारी गीता भी आंसू छलकाएगी,
कलयुग की मूरत भी,
जोरों से खिलखिलाएगी।
ऐसे में युवाओं के रुधिर की रवानी चाहिए,
व्यवस्थाओं को जो बदल डाले,
ऐसी जवानी चाहिए।

#अतुल कुमार शर्मा

परिचय:अतुल कुमार शर्मा की जन्मतिथि-१४ सितम्बर १९८२ और जन्म स्थान-सम्भल(उत्तरप्रदेश)हैl आपका वर्तमान निवास सम्भल शहर के शिवाजी चौक में हैl आपने ३ विषयों में एम.ए.(अंग्रेजी,शिक्षाशास्त्र,समाजशास्त्र)किया हैl साथ ही बी.एड.,विशिष्ट बी.टी.सी. और आई.जी.डी.की शिक्षा भी ली हैl निजी शाला(भवानीपुर) में आप प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत हैंl सामाजिक क्षेत्र में एक संस्था में कोषाध्यक्ष हैं।आपको कविता लिखने का शौक हैl कई पत्रिकाओं में आपकी कविताओं को स्थान दिया गया है। एक समाचार-पत्र द्वारा आपको सम्मानित भी किया गया है। उपलब्धि यही है कि,मासिक पत्रिकाओं में निरंतर लेखन प्रकाशित होता रहता हैl आपके लेखन का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों को उजागर करना हैl 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

हिंदुस्तान उसका नाम है "

Mon Jul 16 , 2018
तीन रंगो में है लिपटी , एशिया में है रहती , अशोक चक्र से पहचान है , हिंदी जिसका अभिमान है , हिंदुस्तान उसका नाम है , हिंदुस्तान उसका नाम है । नीले चादर तले , गंगा यमुना बहती है , शालीमार की बाग , हिमालय वहीं की बेटी है […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।