जन्मदिवस गीत 

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rikhabchand
जन्म दिवस पर गुरू माँ को वंदामि हमारा
जन्मदिवस आज मनाएँ प्यारी माँ तुम्हारा
जिनशासन का प्यारा फूल सबसे सुंदर न्यारा
हम सबको लगता है गुरू माँ का चेहरा प्यारा
खुशियों भरा हर पल हो यही अरमान हमारा
जन्म दिवस—————-
श्री निर्मल सागर जी के चरणों में शीश झुकाया
पिच्छी कमण्डल धारकर संयम पथ अपनाया
विशुद्धमती माताजी बन सबका जीवन सँवारा
जन्मदिवस——————–
चौबीस जिनवर के श्री चरणों में ध्यान लगाया
जिनवाणी के ज्ञान को जन जन तक पहुँचाया
गणिनी आर्यिका बनकर चमका नया सितारा
जन्मदिवस ———————–
ममता के मन्दिर में करूणा का दीप जलाया
‘रिखब’ने गुरू माँ के चरणों में शीश झुकाया
गुरू माँ के आशीष से जीवन सफल हमारा
जन्म दिवस ——————-
जन्मदिवस पर गुरू माँ को वंदामि हमारा
जन्मदिवस आज मनाएँ प्यारी माँ तुम्हारा
#रिखबचन्द राँका

परिचय: रिखबचन्द राँका का निवास जयपुर में हरी नगर स्थित न्यू सांगानेर मार्ग पर हैl आप लेखन में कल्पेश` उपनाम लगाते हैंl आपकी जन्मतिथि-१९ सितम्बर १९६९ तथा जन्म स्थान-अजमेर(राजस्थान) हैl एम.ए.(संस्कृत) और बी.एड.(हिन्दी,संस्कृत) तक शिक्षित श्री रांका पेशे से निजी स्कूल (जयपुर) में अध्यापक हैंl आपकी कुछ कविताओं का प्रकाशन हुआ हैl धार्मिक गीत व स्काउट गाइड गीत लेखन भी करते हैंl आपके लेखन का उद्देश्य-रुचि और हिन्दी को बढ़ावा देना हैl  

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।