माँ

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shveta
विश्व वन्दनीय वात्सल्य मूर्ति साकार,
‘माँ’स्वयं ही है एक परिपूर्ण संसार..
दूर करे जो मन के,सब क्लेश विकार।

‘माँ’ के स्पर्श में छिपा सुकून अपार,
पहाड़-सी विपदा हो जाए बेड़ा पार.
‘माँ’ के आशीष से मिले सब संसार।

चाहे सुख,या दुःख की बहे बयार,
‘माँ’के आँचल में दुआओँ की बहार..
सींचे संतति देकर नित नए संस्कार।

‘माँ’ के ममत्व की महिमा अपरम्पार,
सनातन धरम करे सदा से यही प्रचार..
‘माँ’ को नित नमन वंदन नमस्कार।

प्रेरणा स्रोत बन करती नैय्या पार,
‘माँ’को प्रभु तुल्य कहे ये संसार..
मातृ दिवस मनाना तब हो साकार,
‘माँ’की आँखों में न हो कभी अश्रुधार।

                                                                                 #श्वेता जोशी
परिचय : इंदौर निवासी श्रीमती श्वेता जोशी बीएससी सहित एम.ए.(अंग्रेज़ी साहित्य) और बी.एड.भी किया है।एक वर्ष से आप स्वतंत्र लेखन (मुख्यतःकाव्य) में सक्रिय हैं। गृहिणी के साथ ही वर्तमान में रोटरी अंतरराष्ट्रीय मंडल की मासिक पत्रिका की संपादक का दायित्व भी निभा रही हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।