प्रिये……….

aashutosh mishra
फसल लहलहाती तुम अफीम की
मैं सूखा  पीड़ित  ईख   खेत  प्रिये

हो मिट्टी तुम चिकनी और मुल्तानी
ज्येष्ठ धूप में तपती मैं गर्म रेत प्रिये

हो छड़ी  जादुई बालपरी  की  तुम
जंगली टेढ़े  बांस का  मैं  बेंत प्रिये

तुम लोकतंत्र की  राजनीति प्यारी
मैं  मतदाताओं  का मत  रेट  प्रिये

हो बसंत  माह  सी आप  सुहावन
तपता  प्यासा  मैं  माह ज्येष्ठ प्रिये

पतली पतंग लौकी तुम जीरो साइ
मैं टेढ़े मेढ़े कद्दू कटहल का वेट प्रिये

पाक बलिदानी तुम राष्ट्रीय महरानी
हूँ दुर्घटनाग्रस्त मै विमान जेट प्रिये

हो तुम कांग्रेसी पवित्र कफन घोटाले
मैं टुटपुंजिया सा गली का सेठ प्रिये

हो मुकदमें तुम कपिल सिब्बल के
मैं  श्री  राम मन्दिर  की डेट  प्रिये

#आशुतोष मिश्र 
तीरथ सकतपुर 

matruadmin

Next Post

कर्मों का हिसाब देना पड़ता है 

Sat May 26 , 2018
कोई भी यूँ हो चाहे कलयुग या सतयुग , इन युगो में भी जिन्होंने जन्म लिया उन्हें अपने कर्मो का हिसाब क़िताब यही पर देना पड़ता है / इसमें चाहे अमीर हो संत हो या गरीब हो , जैसे कर्म संसार में किये उन्ही के अनुसार उन्हें अपने अपने कर्मो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।