“किताबें”

Read Time0Seconds

prakash parmar

बहुत कुछ सिखाती है किताबें
जीवन जीने की कला  किताबें
सुख-दुख की है साथी किताबें
कभी डराती है हँसाती किताबें
शब्दों से सुकून देती है किताबें
नन्हे बच्चों की मुस्कान किताबें
माँ की अथाह प्रेम धारा किताबें
ज्ञान का बड़ा महासागर किताबें
भोर की मतवाली किरण किताबें
चाँद तारों का सैर कराती किताबें
दादी-नानी की कहानियाँ किताबें
प्रकृति अनुकूल हरियाली किताबें
कभी गाती कभी सुनाती  किताबें
देश वीरों का है  बलिदान किताबें
कबीर,रहीम औ’ रसखान किताबें
एक कांतिमान  है जहान  किताबें।

              # परमार प्रकाश

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

वट-सावित्री

Wed May 16 , 2018
आज पवित्र पर्व वट सावित्री की है, आज के दिन सुहागिन महिलायें! कथा सुनती सत्यवान-सावित्री की है। वट वृक्ष के नीचे आज स्त्री पूजा करती हैं, बांस के पंखे से वट वृक्ष को हवा करती हैं। कच्चा धागा लपेटकर परिक्रमा करती हैं, उसके बाद ध्यान से सभी कथा सुनती हैं। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।