सजना करवा चौथ है,नहीं मात्र उपवास।
पत्नी का पति प्रेम ये,बात एक यह खासll
बात एक यह खास,पत्नियाँ भूखी रहकर।
पति की लंबी उम्र,माँगती हर दुख सहकरll
मुझे न जाना छोड़,नाम बस मेरा भजना।
सात जन्म का साथ,निभाना मेरे सजनाll
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
परिचय: डाॅ. बिपिन पाण्डेय की जन्मतिथि- ३१अगस्त १९६७ एवं जन्म स्थान-ग्राम रघुनाथपुर (ऐनी-ब्रम्हावली,औरंगाबाद)है।आप उत्तर प्रदेश राज्य के शहर-सीतापुर से सम्बन्ध रखते हैं। शिक्षा-एम.ए., एल.टी. और पी-एच.डी. है। आपका कार्यक्षेत्र-पी.जी.टी.(हिंदी)में अध्यापन है। लेखन में आपकी विधा पद्य (दोहा,कुंडलिया ,गीतिका)आदि सहित छंद बद्ध लेखन है। प्रकाशन में आपके नाम-कुंडलिनी लोक( साझा संकलन) तथा दोहा संगम(संपादित) है। सम्मान के रुप में कुंडलिनी रत्न सम्मान(लखनऊ)और दोहा शिरोमणि सम्मान खटीमा,उत्तराखंड) हासिल है। साथ ही आप ‘नेट’ एवं जेआरएफ़ पात्रता धारी भी हैं। आपके लेखन का उद्देश्य-स्वांतः सुखाय है।