एक मुकम्मल ग़ज़ल….

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avinash amethiya
पिया के नाम को अपने हथेली में रचाती है,
पिया को हर घड़ी अपने हृदय में वो बसाती है।
सुना है प्यार से जिसके सजन जी प्यार हैं करते,
उसी  के हाथ  में हिना भी अपना  रंग लाती है।
अजब-सी एक हलचल फिर हमारी साँस में उठती,
बुलाकर  पास वो अपने  गले से  जब लगाती है।
यहाँ  हम  एक-दूजे  से  बसे  हैं दूर, अब कैसे?
धड़कते दिल की हर धड़कन, धड़ककर के बताती है।
गरीबों का भला अब-तक सियासत कर नहीं पाई,
सियासी  फायदे  की खातिर  हमें हमसे लड़ाती है।
अजब-सी ये कहानी है सुनो ‘अविनाश’ चाहत की,
जिसे अक्सर तुम्हारी साँस, धड़कन को सुनाती है।
                                                                    #अविनाश सिंह अमेठिया
परिचय : अविनाश सिंह अमेठिया की  जन्मतिथि-२२ मई १९९३ एवं जन्म स्थान-रांची है। शिक्षा-स्नातक और आपका कार्यक्षेत्र-कोल इंडिया है। सामाजिक क्षेत्र में आप साहित्य सेवा के अन्तर्गत विधा श्रृंगार तथा ओज में लेखन करते हैं। देवरिया में आपका निवास है। सम्मान में अब तक मुक्तक मणि, मानस मणि प्राप्त है। आपके लेखन का उद्देश्य-साहित्य सेवा है और बचपन का शौक भी पूरा करना है।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।