पहेली

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जिंदगी की हकीकत कैसी एक पहेली है,
साथ सब हो फिर भी कुछ अधूरी है।
कोई जो किसी की खातिर सब छोड़ आता है,
दूसरा सब होते हुए कुछ और पा जाता है।
सिर्फ एक विश्वास का अहसास उन्हें जोड़ता है,
साथ-साथ चलकर बहुत दूर को मोड़ता है।
एक अथाह प्यार की डोर साथ होती है,
जो कभी-कभी बहुत छोटी महसूस होती है।
मन सिर्फ उनके प्यार का मोहताज होता है,
सब कुछ होकर भी इसके बिना कुछ न होता है।
क्यों आदमी इस प्यार को समझ नहीं पाता,
बाद में सिर्फ हाथ मलकर रह जाता।
माँ-बाप के  प्यार को छोड़ हम उनसे बंधते हैं,
पर कभी-कभी थोड़े प्यार को तरसते हैं।
यही जिंदगी की अजीब पहेली है,
जो समझ गया वो जी गया..
जो न समझे तो जीवन व्यर्थ है॥

                                                                            #प्रेरणा सेंद्रे 

परिचय: प्रेरणा सेंद्रे  इन्दौर में रहती हैं। आपकी शिक्षा एमएससी और बीएड(उ.प्र.) है। साथ ही योग का कोर्स(म.प्र.) भी किया है। आप शौकियाना लेखन करती हैं। लेखन के लिए भोपाल में सम्मानित हो चुकी हैं। वर्तमान में योग शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।