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सब कुछ है, पर 'कुछ' नहीं
Thu Jul 6 , 2017
भौतिकता की चकाचौंध में, दूर कहीं बहुत दूर छूट गई है नैतिकता की, नर्म,मुलायम,धवल चांदनी। दॊलत,शोहरत पद-प्रतिष्ठा, सम्मान के झूठे अहंकार से चौंधियाई आंखें सादगी सरलता, साफगोई और सदाशयता को देखना ही भूल गई है। प्रेम,दया, सहानुभूति, ईमान-धरम, रिश्ते-नाते आपसी भाईचारा,इन्सानियत और परोपकार को देख […]

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