मैं अक्सर…

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arun jain
मैं अक्सर
अपनी खामोशी से
बात करता हूँ,
कुछ देर ठहर
इत्मिनान से
मुलाकात करता हूँ।
वो बताती है
मुझे यहाँ-वहाँ
इधर-उधर की
बातें,
कैसे बीतती है
लोगों की
रातें।
कुछ जागती
आंखों में
सपने लिए
होते हैं,
कुछ जागकर भी
सोते हैं
अपना बहुत कुछ
खोते हैं।
जरूरी नहीं
जिंदगी का हर
लम्हा,हर कतरा
पढ़ा जाए,
कुछ लम्हें
सहेजे जाते हैं
महफूज रखे
जाते हैं,
आने वाले
समय के लिए
ये हमें
सुकून देते हैं
जिंदगी महकाते हैं।
जिंदगी के
ठहराव में
रास्ते बताते हैं,
औऱ आगे
बढ़ने के
पड़ाव बनाते हैं
उम्मीदों की
मंजिल के
चढ़ाव बनाते हैं।
कई बार
चली आती हैं
मेरी तन्हाईयाँ
मुझसे मेरी
शिकायत करने
कभी दुख दर्द
अपना दुखड़ा
लेकर आते हैं
कभी मंद-मंद
मुस्काते हैं,
मैं नहीं समझता
वो शिकायतें हैं
मेरे खिलाफ।
ये तो शिकवे हैं
अपनों से
किए जाते हैं,
इनके लेखे-जोखे
भावना की कलम से
दिल पर
लिखे जाते हैं।
मैं अक्सर,
अपनी खामोशी से
बात करता हूँ
मुलाकात करता हूँ।

                                                                       #अरुण कुमार जैन

परिचय: सरकारी अधिकारी भी अच्छे रचनाकार होते हैं,यह बात 
अरुण कुमार जैन के लिए सही है।इंदौर में केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में लम्बे समय से कार्यरत श्री जैन कई कवि सम्मेलन में काव्य पाठ कर चुके हैं। उच्च शिक्षा प्राप्त सहायक आयुक्त श्री जैन का निवास इंदौर में ही है।

matruadmin

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।