हिन्दुस्तान हमारा है•••

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देश बदल नहीं रहा है साहेब,हम तुम बदले जा रहे।
धर्म की ख़ातिर देखो साहेब,यहाँ है लड़ते जा रहे।
सब है अपने देखो साहेब,इक परिवार हमारा है।
ना कोई हो भेद यहाँ पर,हिन्दुस्तान हमारा है॥
सब बच्चे हैं उस शक्ति के,जिनका इक रखवाला है।
चाहे हिन्दू चाहे मुस्लिम,सबका ऊपर वाला है।
सब बच्चों को उसने यहाँ पर देखो,खूब सँवारा है।
ना कोई हो भेद यहाँ पर,हिन्दुस्तान हमारा है॥
मीरा भी अपनी थी साहेब,वो रसखान भी अपने थे।
पीर फ़कीर मिर्ज़ा ग़ालिब,उनके भी कुछ सपने थे।
ख़ुद को तुम सब बदलो साहेब,ये पैगाम हमारा है।
ना कोई हो भेद यहाँ पर,हिन्दुस्तान हमारा है॥
गीता भी सबकी है साहेब,ये कुरान भी सबकी है।
राम नाम भी सबका साहेब,आयतें भी सबकी है।
ये अज़ान और घण्टा साहेब,ना कोई बंटवारा है।
ना कोई हो भेद यहाँ पर,हिन्दुस्तान हमारा है॥
                                                                                  #दीक्षा सविता
परिचय : दीक्षा सविता का निवास उत्तर प्रदेश के पोस्ट-पिहानी(जिला-हरदोई) में है
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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।