भरोसा

0 0
Read Time1 Minute, 7 Second
asha bunkar
ज़रा पाने की चाहत में,बहुत कुछ छूट जाता है,
न जाने सब्र का धागा कहाँ पर छूट जाता हैl
किसे हमराह कहते हो,यहां तो अपना साया भी,
कहीं पर साथ रहता है,कहीं पर छूट जाता हैl
ग़नीमत है नगर वालों,लुटेरों से लुटे हो तुम,
हमें तो गांव में अक्सर,दरोगा लूट जाता हैl
अजब शै हैं ये रिश्ते भी,बहुत मजबूत लगते हैं,
ज़रा-सी भूल से लेकिन,भरोसा टूट जाता हैl
ब-मुश्किल हम मोहब्बत को यहां पर ढूंढ पाते हैं,
मगर हर बार ये दौलत कोई गैर लूट जाता हैl

                                                                      #आशा बुनकर

परिचय : आशा बुनकर का राजस्थान के जमनापुरी(जयपुर)में निवास हैl १९८३ में जन्मीं हैं और जयपुर से शिक्षा बीएड तथा स्नातकोत्तर(हिन्दी साहित्य) सहित  हिन्दी साहित्य में ही `नेट` उत्तीर्ण हैं।

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

क्यों लुट गया सारा अमन?

Thu Jun 22 , 2017
पूछिए मत क्यों हमारी शोखियाँ कम पड़ गईं। जिंदगी गुजरी है ऐसे आंधियाँ कम पड़ गईंll  भूख के मंजर से लाशों ने किया है यह सवाल। क्या ख़ता हमसे हुई थी,रोटियां कम पड़ गईंll  जुर्म की हर इंतिहा ने कर दिया इतना असर। अब हमारे मुल्क में भी बेटियां कम […]

नया नया

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।