क्या सच में सच बोलूं सभी कहते हैं.. सच ही बोलो लेकिन सच्चाई यह है कि सच बोलने वाला झूठा हो जाता है सच में सच बोल दो तो बहुत बड़ा पंगा हो जाता है सच में दंगा हो जाता है जो समझता बड़ा अपने को वह सरेआम नंगा हो […]

जीवन के कुछ पन्नों पर कुछ लकीरें बन जाती हैं कुछ टेढ़ी-मेढी कुछ ऊबड़-खाबड़ मिटती बनती लकीरें आती-जाती रहती हैं लकीरें हिचकोले खाती हुई लकीरें फिर भी हौसला अफजाई करती ये लकीरें चुपचाप चलती हैं जीवन की गति की निरंतरता में। #आराधना राय” बलियावी” बलिया ,उत्तर प्रदेश  Post Views: 388

  पांव के बिरोध में जूतों ने कर दी है बगावत नहीं रहेंगे अब वो पांव में बदल लिये हैं अपनी भूमिका अब जूते निशाना बना रहे हैं तानाशाहों को गिर रहे धड़ा-धड़ जूते सिर पे तानाशाहों के कह रहे हैं जूते इन तानाशाहों से बचो यदि बच सकते हो […]

उस समय कहा था नेता जी ने अंग्रेजों से भारत को वापस लेंगे तुम हमें खून दो ! हम तुम्हें आजादी देंगे जय हिन्द बोलो !जय हिन्द अबके लोग कह रहे… तुम लोगों ने चुना है हमें हम तुम्हारे विचारों से ही चलेंगे लेकिन जीतने के बाद तुम हमें आजादी […]

जिनके मन में पंख और पैर  में पहिये उनके सिर पर भार  और  तेज रफ्तार जीवन में भागम- भाग एवं  अंधी दौड़ उनमें गहमा- गहमी और  वाद -विवाद जहां गर्म हो बाजार  लोग  रहें  बेजार मन  है उचंगा  बह रही उल्टी  ही गंगा बदल गयी रीत अब झूठी है  सब […]

वह स्करैप जैसा था चाहे जैसा रंग भर दो परन्तु वह तो कट्टर अनुशासन में रहा फिर सीख गया वह घृणा करना भी जब था स्वाधीन वह करता था बहुत प्रेम आके इस दुनिया में हो गया”अकेला”वह #राम बहादुर राय “अकेला” एम.ए.(हिन्दी, इतिहास ,मानवाधिकार एवं कर्तव्य, पत्रकारिता एवं जनसंचार),बी .एड. […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।