कौन देशप्रेमी

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मैंने गेहूँ के संग घुन पिसते देखा है,
सियासत में लाचार किसान को
मरते देखा है।
सीमा विवाद में वीर जवान को मरते देखा है।
मजहबी जंग में इंसानियत को
मरते देखा है।
जालिमों के बीच भोली जनता को फंसते देखा है।
आज न कहेंगे हम कौन दोषी हैं,
कौन देशप्रेमी और सरफ़रोशी है।
धरतीपुत्र न देखा ऐसा हमने,
विद्रोह को नहीं देता वो थमने।
आगजनी करे और करे हुड़दंगा,
जो भी आए सामने,करे उसे वो नंगा।
ये केसा मौत का कहर है,
जल रहा आज हरेक शहर है।
हमने सदियों से यही सीखा है,
दुश्मन पर भी हमने किया भरोसा है।
वो फरेब से बाज नहीं आते हैं,
लेकिन हर बार मुंह की खाते हैं।
भोला किसान इतना उग्र नहीं था,
चोरों के बहकावे में फंस गया था।
अर्जी बस अब यही है,
देशप्रेम हो,विनती बस यही है॥

                                                                               #प्रमोद बाफना

परिचय :प्रमोद कुमार बाफना दुधालिया(झालावाड़ ,राजस्थान) में रहते हैं।आपकी रुचि कविता लेखन में है। वर्तमान में श्री महावीर जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय(बड़ौद) में हिन्दी अध्यापन का कार्य करते हैं। हाल ही में आपने कविता लेखन प्रारंभ किया है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।