पितृ दिवस पर काव्य गोष्ठी का आयोजन

0 0
Read Time3 Minute, 49 Second

यू. पी. कार्यकारिणी समिति ने किया वर्चुअल आयोजन

दिल्ली। शुक्रवार को काव्य मञ्जरी साहित्यिक मंच ( रजि. ) के सौजन्य से संचालित यू. पी. कार्यकारिणी समिति की ओर से गूगल मीट पर “पितृ देवो भव:” नामांकित कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
इस कार्यक्रम की देश विदेश से ख्याति सौहार्द डॉ. सौरभ पाण्डेय , मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानित पुष्पेन्दरा चगती भण्डारी, विशिष्ट अतिथि के रूप में आदरणीय मुराली लाल अरोड़ा, डॉ. अनीता जैन और डॉ. शशि कान्त पाराशर आदि गणमान्य सदस्य उपस्थित रहें ।
काव्य मञ्जरी साहित्यिक मंच की संस्थापिका डॉ. नीरजा मेहता “कमलिनी”, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव पदमा शर्मा “आँचल” की देखरेख में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ ।
इस कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. किरण मिश्रा “स्वयंसिद्धा” ने मधुरिम स्वर में माँ सरस्वती आह्वान करके आयोजन का प्रारम्भिक उद्घोष किया ।कार्यक्रम में अपने कुशल संचालन से डॉ. शिखा नागर “सर्वांगी” ने चार चाँद लगा दिए जो कि सम्पूर्ण कार्यक्रम की संचालन कर्ता रही ।
पितृ दिवस के पावन अवसर पर यह “पितृ देवो भव:” कार्यक्रम यू. पी. कार्यकारिणी समिति की ओर से संचालित किया गया जिसमें सहभागी गणमान्य रचनाकारों ने अपनी मन मोहक प्रस्तुतियों से सबके मन में वात्सल्य व प्रेम की अद्भुत व मनोरम छाप छोड दी ।
अपनत्व भाव, वात्सल्य भाव की पराकाष्ठा, पिता के त्याग, कडकपन के पीछे छुपे स्नेह को और पिता के निस्वार्थ भावी प्रेम व समर्पण भाव की अनुपम भाव भंगिमा को अपने शब्दों रूपी भावनात्मक अहसासों से प्रस्तुत करने के कारण कार्यक्रम की शोभा दुगुणी हो गई ।
अपनी मनोरम व वात्सल्य रूप में सरोबार प्रस्तुति देने वाले सहभागी रचनाकारों में एम. एल. अरोडा, सीमा गर्ग, डॉ. नीरजा मेहता, नेहा शर्मा, पदमा शर्मा, डॉ. शशि कान्त “अनमोल” और डॉ. माधवी मिश्रा जी, रेखा गुप्ता जी, पदमा शर्मा, पुष्पेदरा, डॉ. किरण मिश्रा और डॉ. शिखा नागर , कात्यायनी उपाध्याय, प्रतिभा गुप्ता “प्रबोधिनी”, विभा तिवारी आदि सदस्यों ने अपनी प्रस्तुति दी ।
कार्यक्रम की सफलतम् समापन पर सौहार्द गणमान्य मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ पाण्डेय ने अपनी शानदार व उत्साहर्धक वाणी से मंचीय सहभागी रचनाकारों के कृतित्व को सराहा और समस्त रचनाकारों को बधाई ज्ञापत की ।
समस्त सहभागी रचनाकारों की भावभीनी सुन्दर कृतियों से प्रभावित होकर मंच की संस्थापिका डॉ. नीरजा मेहता “कमलिनी” ने बधाई व धन्यवाद ज्ञापित कर सबके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।

matruadmin

Next Post

पत्रकारिता से कई अपेक्षा रखती डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' की पुस्तक 'पत्रकारिता और अपेक्षाएँ'

Fri Jun 24 , 2022
पुस्तक समीक्षा  डॉ. अर्पण जी जैन ‘अविचल’ की पुस्तक ‘पत्रकारिता और अपेक्षाएँ’ अपने नाम को सार्थक करने के साथ-साथ पाठकों की अपेक्षाओं पर भी पूरी तरह खरी उतरी है। लेखन से ज्ञात हुआ कि पत्रकारिता का इतिहास और आज के समय की पत्रकारिता में ज़मीन-आसमान का अंतर आ चुका है। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।