नन्हे मुन्ने बच्चे

0 0
Read Time1 Minute, 9 Second

हम हैं नन्हे मुन्ने बच्चे,
हमको आँख दिखाओ ना।
अभी उम्र है पढ़ने की,
हमसे काम कराओ ना।

कभी होटलों में हमसे तुम,
बर्तन साफ कराते हो।
कभी घरों में झाड़ू पोंछा,
और कपड़े धुलवाते हो।
शर्म करो कुछ तो बाबू जी,
ये बचपन हमसे छीनो ना।
हम हैं नन्हे………

कभी सेठ जी हम बच्चों से,
अपनी कार धुलाते हैं।
चौराहे पर भी कभी कभी,
जूते हमसे सिलवाते हैं।
सुन लो ये विनती बाबू जी,
क़हर हम पर तुम बरसाओ ना।
हम हैं नन्हे………

कारखाने और फैक्ट्री में,
तुम हमसे काम कराते हो।
पटाखों और हथगोलों में,
हमसे बारूद भराते हो।
अभी तो हम भी खिलौने हैं,
खिलौने हमसे बनवाओ ना।
हम हैं नन्हे………

हमको भी तो पढ़ लिख कर,
जग में नाम कमाना है।
अच्छे अच्छे काम करके,
भारत का मान बढ़ाना है।
है एक अरज मेरी बाबूजी,
हमको भी स्कूल भिजवाओ ना।

स्वरचित
सपना (सo अo)
जनपद-औरैया

matruadmin

Next Post

राणा प्रताप जैसे वीर सदियों में जन्म लेते है

Sat Jun 12 , 2021
चित्तौड़ के राज घराने में उदयसिंह व जेवन्ता बाई के घर एक विलक्षण बालक का जन्म होता है। इसका नाम प्रताप रखा गया। जेवन्ता बाई जन्म से ही प्रताप को मातृभूमि के प्रति कर्तव्य का पाठ सिखाती है, अफगान शासक शेर शाह सूरी के अधीन चित्तौड़ पर उस समय उदयसिंह […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।