रिश्ते

1 0
Read Time1 Minute, 26 Second

रिश्ते भी तो सारे ,
रंग बदलते हैं,
कभी प्यार कभी,
नफरत में रंगते हैं।।

अपने मतलब के सांचे में,
हरपल ये ढलते हैं।
रिश्ते भी गिरगिट सा,
रंग बदलते हैं।।

जब तक हो गरज इनकी,
फूलों से महकते हैं।
काम निकलने पर ये,
नागिन सा डसते हैं।।

बदले की आग में ये ,
हरपल ही जलते हैं।
नए नए ये हर दिन,
षड्यंत्र रचते हैं।।

रिश्तों के बाजार में,
इनके भाव बदलते हैं।
जरूरत के हिसाब से,
इनके बोल लगते हैं।।

कभी रोते हँसते हैं,
कभी डरते सहमते हैं।
ये रिश्ते भी हर रस में,
खूब रमते हैं।।

कभी प्यार मोहब्बत के,
मीठे गीत गाते हैं।
धोखा करने में ये,
जरा भी ना लजाते हैं।।

ग़लतफ़हमी की जमीं में ये,
शक के बीज बोते हैं।
बेबसी में रिश्तों को,
कभी हम ढोते हैं।।

मुश्किल घड़ी में ये,
कभी साथ निभाते हैं।
कभी बड़ी बेरहमी से,
दिल तोड़ जाते हैं।।

कभी आशा कभी विस्वास,
दिल में ये जगाते हैं।
मुसीबत में कुछ रिश्ते,
हमें धीरज बंधाते हैं।।

ये रिश्ते सारे ही,
सबक हमको सिखाते हैं।
जीवन का हर पाठ,
सदा हमको पढ़ाते हैं।।

स्वरचित
सपना (सo अo)
प्राoविo-उजीतीपुर
विoखo-भाग्यनगर
जनपद-औरैया

matruadmin

Next Post

आक्सीजन

Wed May 12 , 2021
इन दिनों चारो तरफ ही तो प्राणवायु के लिए संघर्ष है फेफड़े जवाब दे रहे है सांसे बार बार उखड़ रही है आक्सीजन लेवल घट रहा है हे राम, यह क्या हो रहा है बूढ़े,जवान,अब बच्चों की बारी कैसी है जीवन की लाचारी मगर यह तो होना ही था आक्सीजन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।